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चमकी से अब तक 130 बच्चों की मौत, राहत में जुटीं केंद्र और राज्य सरकारें

प्रकाशित Tue, 18, 2019 पर 16:11  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

बिहार के मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार से मरने वाले बच्चों की संख्या 130 पहुंच गई है। इस बीच आज बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज का दौरा किया। नीतीश कुमार के पहुंचने पर वहां लोगों ने नीतीश कुमार मुर्दाबाद के नारे लगाए। डॉक्टरों और मरीज के परिजनों से बातचीत के बाद नीतीश कुमार ने अस्पताल की व्यवस्था और डॉक्टरों के कामकाज पर संतोष जताया और SKMCH प्रबंधन को रोज एक बुलेटिन जारी करने को कहा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि बीमार बच्चों को जल्दी अस्पताल तक पहुंचाने को लेकर जागरूकता पैदा की जाए और ग्रामीण इलाकों में हर घर में ORS के पैकेट पहुंचाए जाएं। इसके अलावा बीमारी के कारण समझने के लिए कल से एक टीम पीड़ित परिवारों के बीच सर्वे भी करेगी।


PMO को स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट


बिहार में लोग जिसे चमकी बुखार कह रहे हैं, आधिकारिक स्तर पर उसे AES यानि ACUTE ENCEPHALITIS SYNDROME कहा जा रहा है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने स्वास्थ्य विभाग से इसपर रिपोर्ट मांगी थी, उसमें कहा गया है कि AES से 416 बच्चे प्रभावित हुए हैं। आवाज़ को सूत्रों से जानकारी मिली है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस रिपोर्ट में अब तक लिए गए एक्शन का ब्यौरा भी दिया है।


लीची के सीजन में बीमारों की संख्या बढ़ रही है। अचानक शुगर लेवल कम होना मौत की वजह बताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक अब तक AES के 416 मामले दर्ज किए गए। AES से 98 बच्चों की मौत सिर्फ जून में हुई है। मरने वाले बच्चों की औसत उम्र 3.4 साल है।


केंद्र सरकार के एक्शन


केंद्र सरकार ने प्रभावित जिलों में अतिरिक्त डॉक्टर भेजे। अस्पतालों में पुराने ऑक्सीमीटर, वेंटिलेटर बदले जा रहे हैं। 3 महीने के लिए स्पेशल फील्ड यूनिट सेटअप की गई है। पंचायत स्तर पर 24 घंटे ये यूनिट तैनात रहेगी। एक साल में जिले में 100 बेड का पीडियाट्रिक ICU लगाया जायेगा। आसपास के 5 जिलों में डायगनॉस्टिक लैब खोले गए। खाली पदों को जल्द से जल्द भरने के आदेश दिया गया है।


इधर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन आज प्रेस के सवालों से बचते रहे। काफी देर तक पूछे जाने के बाद उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि बेहतर इलाज के लिए SKMCH अस्पताल में सुपर स्पेशयल्टी यूनिट बन रही है और बीमारी से लड़ने में बिहार सरकार को केंद्र हर संभव मदद करेगा।


केंद्र और राज्य सरकार से RJD के सवाल


मुजफ्फरपुर में बच्चों की मौत को बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी RJD ने केंद्र और राज्य सरकार की नाकामी बताया है। आज राबड़ी देवी ने ट्वीट कर कहा है कि क्या 14 वर्ष से राज कर रहे मुख्यमंत्री की हज़ारों बच्चों की मौत पर कोई जवाबदेही नहीं? कहाँ है गरीबों के लिए 5 लाख तक के मुफ्त इलाज की प्रधानमंत्री की आयुष्मान योजना? हम इस नाज़ुक समय में राजनीति नहीं करना चाहते लेकिन ग़रीब बच्चों का समुचित इलाज करना सरकार का धर्म और दायित्व है। केंद्र और बिहार के स्वास्थ्य मंत्री कुतर्क गढ़ रहे है। एक कहता है मैं मंत्री हूँ, डॉक्टर नहीं। मरते बच्चे क़िस्मत का खेल है। और फिर उसी क़िस्मत को लात मार बिस्कुट खाते बेशर्मी से मैच का स्कोर पूछता है। एक प्रेस मीटिंग में ही सो रहे है। लीची को दोषी बताते हैं। भगवान की आपदा बताते हैं।