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Cipla Q4: हाई बेस इफेक्ट के चलते आय में दिख सकती है गिरावट

हाई बेस इफेक्ट के चलते सालाना आधार पर कंपनी के प्रदर्शन में कमजोरी देखने को मिल सकती है।
अपडेटेड May 15, 2020 पर 14:43  |  स्रोत : Moneycontrol.com

दवा कंपनी सिप्ला (Cipla) आज अपने नतीजे पेश करेगी। हाई बेस इफेक्ट के चलते सालाना आधार पर कंपनी के प्रदर्शन में कमजोरी देखने को मिल सकती है।


ब्रोकरेज हाउसेज की रिपोर्ट के मुताबिक सालाना आधार पर कंपनी के मुनाफे और आय में 1 से 4 फीसदी की गिरावट देखने को मिल सकती है। इसकी  वजह अमेरिकी कारोबार में आई गिरावट होगी।


हालांकि जानकारों का मानना है कि इस अवधि में कंपनी के भारतीय कारोबार में सालाना आधार पर डबल डिजिट ग्रोथ देखने को मिल सकती है।


Kotak Institutional Equities का कहना है कि चौथी तिमाही में कंपनी के मुनाफे में सालाना आधार पर 4 फीसदी की और आय में 3 फीसदी की गिरावट देखने को मिल सकती है। उसने आगे कहा है कि इस अवधि में कंपनी के डोमेस्टिक फॉर्मूलेशन कारोबार में सालाना आधार पर 12 फीसदी की बढ़त देखने को मिल सकती है लेकिन तिमाही आधार पर देखेगे तो इसमें 5 फीसदी की गिरावट देखने को मिल सकती है।


Kotak Institutional Equities ने अपने रिपोर्ट में आगे कहा है कि कंपनी के अहम उत्पादों में कमजोरी के चलते चौथी तिमाही में इसके अमेरिकी कारोबार 70 लाख डॉलर की गिरावट आएगी और यह 12.6 करोड़ डॉलर के आसपास रह सकता है।


इसी तरह कंपनी के साउथ अफ्रीकी कारोबार में सालाना आधार पर 3 फीसदी की गिरावट देखने को मिल सकती है।


Kotak Institutional Equities का कहना है कि चौथी तिमाही में कंपनी का एबिटडा सालाना आधार पर 26 फीसदी और तिमाही आधार पर 6 फीसदी घट सकता  है। इसी तरह कंपनी के एबिटडा मार्जिन में सालाना् आधार 515 बेसिस प्वाइंट  और तिमाही आधार पर 67 बेसिस प्वाइंट की कमी देखने को मिल सकती है।


Narnolia Financial Services के मुताबिक चौथी तिमाही में सिप्ला के एबिटडा में सालाना आधार पर 18 फीसदी की गिरावट देखने को मिल सकती है। वहीं एबिटडा  मार्जिन में सालाना आधार पर 360 बेसिस प्वाइंट की गिरावट देखने को मिल सकती है।


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