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COMMODITY MARKET: कोरोना वायरस से तमाम कमोडिटी में गिरावट, कमाई के लिए क्या हो रणनीति

तेल-तिलहन, ग्वार और मसालों पर भी खासा दबाव देखने को मिल रहा है।
अपडेटेड Mar 01, 2020 पर 08:39  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

पूरी दुनिया कोरोना वायरस के खौफ से सहमी हुई है। अब तक करीब 50 देशों में इसके मामले सामने आए हैं। दुनिया भर के बाजारों में इसके कारण खासी गिरावट देखने को मिली है। कमोडिटी बाजार भी इससे अछूते नहीं हैं। कोरोना वायरस के कारण ग्लोबल ग्रोथ और कमोडिटी डिमांड में कमी की आशंका जताई जा रही है। जिसके चलते घरेलू बाजार में कॉटन के दाम मई 2016 के बाद सबसे निचले स्तर पर हैं।


इसके अलावा तेल-तिलहन, ग्वार और मसालों पर भी खासा दबाव देखने को मिल रहा है। कोरोना वायरस के कारण एग्री कमोडिटीज की डिमांड पर कितना असर पड़ सकता है और आगे इनकी कीमतों का रुझान कैसा रहेगा। आज के खास शो कमोडिटी कोरोना इंपेक्ट में इसी पर बात करेंगे। इस पर बात करने के लिए सीएनबीसी-आवाज़ के साथ SEA के प्रेसिडेंट अतुल चतुर्वेदी, Cotton Association of India के प्रेसिडेंट अतुल गनात्रा और Agri Commodity Expert पुखराज चोपड़ा जुड़ गए हैं।


कॉटन में तेज गिरावट


MCX कॉटन मई, 2016 के बाद सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। 1 महीने में कॉटन के दाम करीब 6 प्रतिशत गिरे हैं। कोरोना वायरस के कारण डिमांड में कमी की आशंका बनी हुई है। चीन को होने वाला कॉटन एक्सपोर्ट रुक गया है। बता दें कि चीन कॉटन का सबसे बड़ा इंपोर्टर है। कॉटन यार्न एक्सपोर्ट में 20 प्रतिशत से 30 प्रतिशत की गिरावट आई है। चीन को होने वाला यार्न एक्सपोर्ट पूरी तरह बंद हो गया है। यार्न एक्सपोर्ट घटने से मिलों की मांग भी कम हो गई है। उत्पादन बढ़ने के कारण भी कीमतों में गिरावट नजर आई है।


खाने के तेलों पर दबाव


CPO में 11 साल की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट दर्ज की गई है। इस हफ्ते पॉम तेल की कीमतों में 12 प्रतिशत गिरावट देखने को मिली है। कोरोना वायरस के कारण डिमांड में कमी आई है। क्रूड में गिरावट के कारण भी खाने के तेलों पर दबाव बना हुआ है। मलेशिया में पॉम तेल उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है।


सोयाबीन में गिरावट


NCDEX सोयाबीन 4 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया है। CBOT सोयाबीन में गिरावट से दबाव बना है। कोरोना वायरस के कारण डिमांड घटने के आसार हैं।


ग्वार में बिकवाली


ग्वार गम में 1 महीने में करीब 15 प्रतिशत गिरावट आई है। क्रूड में गिरावट से डिमांड को लेकर चिंता बनी हुई है। क्रूड में 1 हफ्ते में ही करीब 12 प्रतिसथ गिरावट आई है। वहीं ग्वार गम की एक्सपोर्ट मांग कमजोर हो गई है और दूसरे विकल्पों की डिमांड बढ़ने का असर हुआ है।



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