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पेट्रोल-डीजल गाड़ियां बनाने वाली कंपनियों को मिल सकती है राहत!

कुछ शर्तों के साथ इन पर लगने वाली पाबंदी की मियाद बढ़ाई जा सकती है।
अपडेटेड Aug 09, 2019 पर 10:03  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

पेट्रोल-डीजल वाली गाड़ियां बनाने वाली कंपनियों को जलद राहत मिल सकती है। कुछ शर्तों के साथ इन पर लगने वाली पाबंदी की मियाद बढ़ाई जा सकती है। सीएनबीसी आवाज को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक सरकार इन पर लगने वाली पाबंदी की मियाद बढ़ा सकती है लेकिन साथ में कुछ शर्तें भी जोड़ी जाएगी।


सूत्रों के मुताबिक इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के सख्त रवैये में नरमी के संकेत हैं। पेट्रोल-डीजल वाली गाड़ियों पर पाबंदी लगाने के प्रस्ताव में ढील संभव है। बता दें कि पेट्रोल वाले दोपहिया वाहनों पर 2023 के बाद और पेट्रोल-डीजल वाले तिपहिया वाहनों पर 2025 के बाद पाबंदी लगाने का प्रस्ताव है। सूत्रों के मुताबिक अब पाबंदी लगाने की 2023 और 2025 की समय सीमा में ढील दी जा सकती है। हालंकि ढील देने के साथ सरकार कुछ शर्तें भी जोड़ सकती हैं। जैसे प्रदूषण सरचार्ज के नाम पर सरकार अतिरिक्त टैक्स लगा सकती है। सरचार्ज की रकम का इस्तेमाल ई-व्हीकल के इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च होगा।


सूत्रों के मुताबिक पेट्रोल-डीजल वाली गाड़ियों पर पाबंदी पूरे देश में एक साथ लगाने की बजाय चरणों में मुमकिन है। पहले चरण में बड़े शहरों में फिर दूसरे चरण में छोटे मझौले शहरों में पाबंदी लग सकती है। पाबंदी में ढील देने पर फिलहाल कोई फैसला नहीं लिया गया है। संबंधित मंत्रालयों के बीच बैठक के बाद प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। इस पर प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ बैठक के बाद अंतिम फैसला लिया जाएग।


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