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कंज्यूमर अड्डा: इंटरनेट पर सावधानी हटी दुर्घटना घटी

प्रकाशित Wed, 06, 2019 पर 10:30  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

हर वर्ष की तरह इस बार भी 5 फरवरी को सेफर इंटरनेट डे मनाया गया। आज के दौर में हम इंटरनेट पर हमारी निर्भरता अत्यधिक बढ़ गई है। इसलिए ये सवाल भी उभरता है कि आपका इंटरनेट कितना सेफ है और इसे कैसे सेफ बनाया जाए। डार्क वेब में आपका डेटा कौड़ियों के दाम बिक रहा है, बच्चे और नौजवान साइबर बुलिंग का शिकार हो रहें हैं और हैकर्स आपके बैंक पिन को भेद कर आपके अकाउंट को सफाचट कर रहें हैं। भारत में हर दस मिनट में एक साईबर क्राइम दर्ज हो रहा है, हर 4 मे से 1 भारतीय ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार बन रहा है।




इंटरनेट पर एक चूक से आपकी मेहनत की कमाई डूबा सकती है, आपकी निजी जानकारी और तस्वीरें पब्लिक हो सकती हैं और आपको ब्लैकमेलर आसानी से टार्गेट बना सकते हैं। वहीं रोमांच से भरे पीयूबी-जी और फोर्टनाइट जैसे गेम्स का चस्का बच्चों को आक्रामक बना रहे हैं। और उनकी सेहत से खिलवाड़ कर रहें हैं। वहीं दूसरी ओर फेसबुक पर अनजान दोस्त महंगे गिफ्ट भेजने के नाम पर वसूली कर रहे हैं। ये महज कुछ उदाहरण हैं कि कैसे इंटरनेट हमें अपना गुलाम बना रहा है। लेकिन इस गुलामी से निकलने का रास्ता भी आपके ही हाथों में हैं। इंटरनेट जरूरी तो है, लेकिन इसे कंट्रोल करना हमें सीखना होगा। 




5 फरवरी को सेफर इंटरनेट डे मनाया जाता है, और गूगल इस मौके पर अपना नया कैंपेन सिक्योरिटी चेक किया लेकर आया है। गूगल कैंपेन का संदेश है, कि आपकी सुरक्षा आप ही के हाथ में है इसलिए अपने हर गैजेट का सिक्योरिटी चेक रिब्यू करते रहें। अगर आप एंड्रॉयड यूजर हैं तो सुरक्षित रहने के लिए सभी एप्स को गूगल प्ले स्टोर से ही डाउनलोड करें। गूगल अपने यूजर्स को एक अलग तरह के पासवर्ड के साथ ही स्क्रीन लॉक का भी ऑप्शन देता है थर्ड पार्टी एप्स को कम से कम एक्सेस दें और गूगल अकाउंट की सिक्योरिटी समय-समय पर चेक करते रहें।




हालांकि इन सब के बावजूद ये आप पर निर्भर करता है, कि आप इन टिप्स का इस्तेमाल कैसे करते हैं, ओएलएक्स इंडिया के सर्वे के मुताबिक भारत में 57 फीसदी लोग अभी भी ऑनलाइन सुरक्षा के प्रति लापरवाह हैं। 67 फीसदी लोग बिना शर्तें पढ़े किसी भी वेबसाइट पर साइन अप कर देते हैं। 54 फीसदी लोगों ने माना कि उन्होंने पिछले 6 महीनों से अपना सोशल मीडिया पासवर्ड नहीं चेंज किया है। 56 फीसदी लोगों ने बिना सोचे-समझे अपना फोन नंबर ऑनलाइन शेयर कर दिया। इस सर्वे में देश भर से 26 हजार लोगों ने हिस्सा लिया था।