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बदलने वाला है भविष्य का ट्रांसपोर्ट, खरीदिए इलेक्ट्रिक कार

प्रकाशित Sat, 08, 2018 पर 15:23  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

पब्लिक ट्रांसपोर्ट हो या निजी गाड़ियां - इन्हीं से हमारी जिंदगी में रफ्तार है। लेकिन ये महंगा पेट्रोल, डीजल पीती हैं और जहरीला धुआं उगलती हैं। सड़कों पर ट्रैफिक बढ़ रहा है तो समस्या और विकराल हो रही है। जाम में फंसे हुए, प्रदूषण की चर्चा करते हुए - कई बार ये ख्याल आता है कि ऐसे कैसे चलेगा। असल में ऐसे बिल्कुल नहीं चलेगा।


भविष्य में ट्रांसपोर्ट की तस्वीर पूरी तरह से बदल जाएगी। भविष्य का ट्रांसपोर्ट ना सिर्फ साफ-सुधरा होगा बल्कि तेज, किफायती और सुविधाजनक भी होगा। भविष्य में होने वाले इसी बदलाव पर मंथन के लिए दिल्ली में ग्लोबल मोबिलिटी पर मूव समिट हुआ। इसमें दुनियाभर से ऑटो कंपनियों के सीईओ, रिसर्च फर्म, एक्सपर्ट - कुल मिलाकर 22,00 प्रतिनिधि जुटे। और यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मोबिलिटी की हमारी जिंदगी में वही अहमियत होगी, जो आज इंटरनेट की है।


पेट्रोल और डीजल से गाड़ी चलाना ना सिर्फ खर्चीला है, बल्कि पर्यावरण के लिए भी बेहद खतरनाक है। ऐसे में इलेक्ट्रिक वाहन सबसे अच्छा विकल्प है और आने वाला कल इलेक्ट्रिक गाड़ियों का ही होगा। दिल्ली में पहले ग्लोबल मोबिलिटी समिट मूव में भी इस बात पर मंथन हुआ। इस मौके पर खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7सी का सूत्र देकर इसकी अहमियत बताई।


लेकिन इसके बावजूद मौजूदा सुविधाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर को देखते हुए इलेक्ट्रिक गाड़ियों की चुनौतियां भी कम नहीं। सोसायटी ऑफ मैन्यूफैक्चरर्स ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (एसएमईवी) के अनुसार अभी देश में 4 लाख से अधिक दो पहिया इलेक्ट्रिक वाहन हैं, वहीं चार पहिया वाहन की संख्या कुछ हजार में ही है। एसएमईवी के अनुसार देश में 2016-17 में कुल 25,000 इलेक्ट्रिक वाहन बिके, जिनमें 92 फीसदी दो पहिया वाहन थे।


उधर एसोचैम और नोमुरा रिसर्च इंस्टिट्यूट के मुताबिक देश में कुल दो पहिया वाहनों की बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 2016-17 में 0.01 फीसदी थी। यानी 10 हजार दो पहिया वाहनों की बिक्री पर एक बिजली वाली दोपहिया सवारी जबकि अभी देश में इलेक्ट्रिक 4-व्हीलर पर 21,000 तक की और 2-व्हीलर पर 10,000 रुपये तक सब्सिडी दी जाती है। इलेक्ट्रिक कार से आप 1 रुपये प्रति किलोमीटर के खर्चे पर यात्रा कर सकते हैं। ये पेट्रोल के मुकाबले 70 प्रतिशत कम है और इनका मेंटेनेंस भी ना के बराबर है।