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कंज्यूमर अड्डाः जेट से कैसे मिलेगा रिफंड, यहां है समाधान

प्रकाशित Mon, 22, 2019 पर 19:07  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

हम तो डूबेंगे सनम तुम्हे भी ले डूबेंगे। शायद इन दिनों जेट से टिकट बुक कराने वाले यही सोच रहे होंगे। एयरलाइन तो बंद हुई सो हुई उनके पैसे भी फंस गए। उड़ानों के ठप होने से जिन लोगों ने एडवांस बुकिंग करवा रखी है उन्हें अब लास्ट मिनट महंगी बुकिंग करवानी पड़ रही है और जो पैसे जेट के पास है उसका रिफंड कैसे मिलेगा और कब तक मिलेगा इन सवालों का कोई  जवाब नहीं मिल रहा है। अगर आपकी भी जेब जेट की टिकट की वजह से कट गई हैं।


आज हम आपको बताएंगे कि समाधान कैसे निकल सकता है जिससे आपका नुकसान हो कम से कम। लेकिन पहले दिखाते हैं आपको एक रिपोर्ट की कैसे देखते ही देखते देश की सबसे अच्छी एयरालाइन में से एक जेट बंद हो गई और फंस गए हजारों यात्री।


हमारे देश के एयरपोर्ट्स पर चहल पहल बढ़ रहीं कभी आप सुबह जल्दी लें या देर रात की कोई एसा वक्त नहीं होता जब आपको एयरपोर्ट खाली दिखेंगें। लेकिन हां देश के हर एयरपोर्ट पर आपको अभी एक काउंटर खाली मिलेगा वो है जेट एयरवेज का। देश की पहली निजी एयरलाइंन जेट एयरवेज ने अपने सारे ऑपरेंशस कैंसिल कर दिए हैं। कर्ज के बोझ में डूबी जेट के ठप्प होते ही लाखों पैसेंजर्स के ट्रैवेल प्लान में टरबुलेंस आ गया है और एयर ट्रबुलेंस जब भी होता है तो पैसेंजर्स का दिल सबसे ज्यादा घबराता है।


जेट एयरवेज के ठप पड़ने से एक तरफ जहां हजारों कर्मचारियों पर नौकरी का संकट आ खड़ा हुआ है, वहीं कंपनी के ग्राहकों को भी इसका खामियाजा उठाना पड़ रहा है। बुधवार को एयरलाइंस के बंद होने से पहले तक जिन ग्राहकों ने आगे की तारीखों के टिकट बुक करा लिए थे, उनके लिए टिकट का पैसा वापस मिलना मुश्किल हो रहा है।


वहीं मुंबई के रहने वाले अशर दंपत्ति ने हांग कांग और न्यूजीलैंड घूमने के लिए चार महीने पहले से प्लानिंग की थी। जेट एयरवेज की कनेक्टिंग फ़्लाइट्स के जरिए वो हांग कांग तो पहुंचें लेकिन आगे की फ्लाइट कैसिंल हो गई। दस दिन के पैकिज के लिए उन्होंने जो 2 लाख 3 हजार प्रति व्यक्ति के हिसाब से बजट तैयार किया था वो करीब 2 लाख 38 हजार तक पहुँच गया।


ऐसे ही कई और लोगों हैं जिन्हें दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। और वो नए सिरे से अपनी यात्रा की प्लानिंग कर रहे हैं। जिसके लिए उन्हें दुबारा से पैसे खर्च करने पड़ेंगे। ऐसे यात्रियों पर प्रति टिकट 35 से 45 प्रतिशत तक का बोझ बढ़ेगा। इसमें सिंगापुर, दुबई, फ्रांस, यूके जैसे देशों के लिए ज्यादा यात्री प्रभावित हुए हैं।


जेट के पास यात्रियों के करीब 3,500 करोड रुपए अटके हैं, लेकिन सवाल ये है कि आखिर कंपनी कैसे और कब तक यात्रियों को ये उनका पैसा रिफंड कर पाएगी?