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कंज्यूमर अड्डाः मोबाइल का रेडिएशन कर देगा बीमार

प्रकाशित Wed, 13, 2019 पर 08:03  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

फोन खरीदते वक्त कोई कैमरा देखता है, कोई स्क्रीन देखता है। कोई ज्यादा स्टोरेज खोजता है तो कोई अच्छा प्रोसेसर। कोई फीचर्स देखता है तो कोई बैटरी लाइफ देखता है। लेकिन मोबाइल फोन में जो दिखता ही नहीं, उस रेडिएशन की चिंता किसी को नहीं है। जबकि ये रेडिएशन आपको बीमार, बहुत बीमार कर सकता है। आज कंज्यूमर अड्डा में मोबाइल रेडिएशन की पूरी कहानी समझने की कोशिश करेंगे ताकि आप खुद को इससे महफूज रखें। लेकिन उससे पहले एक चौंकाने वाली रिपोर्ट की चर्चा-जिसमें बड़े-बड़े मोबाइल ब्रांड्स का पानी उतरता दिख रहा है।


अब तो बिना फोन की जिंदगी हम सोच भी नहीं सकते। लेकिन क्या आपको पता है कि आप हर वक्त फोन के साथ-साथ रेडिएशन पैदा करने का सामान भी साथ लेकर चलते हैं। कंज्यूमर और इंडस्ट्री सर्वे डाटा देने वाली कंपनी स्टेटिस्टा ने जर्मनी की फेडरल ऑफिस ऑफ रेडिएशन प्रोटेक्शन की रिसर्च के आधार पर 16 सबसे ज्यादा और सबसे कम रेडिएशन फैलाने वाले स्मार्टफोन्स की लिस्ट जारी की है।


इस लिस्ट में शाओमी, वनप्लस, एचटीसी, गूगल, एपल, जेडटीई और सोनी जैसे ब्रांड शामिल है। इस लिस्ट के टॉप-5 में शाओमी और वनप्लस के दो-दो स्मार्टफोन शामिल है। पहले नंबर पर एमआई ए1, दूसरे पर वनप्लस 5टी,, तीसरे पर एमआई मैक्स 3 और चौथे पर वनप्लस 6टी है जबकि 5वें नंबर पर एचटीसी यू12 लाइफ स्मार्टफोन है। इस लिस्ट में 9वें नंबर पर एप्पल का आईफोन7 है। जिसका एसएआर 1.38 वॉट प्रति किलो है जबकि 14वें नंबर पर आईफोन8 है जिसका एसएआर 1.32 वॉट प्रति किलो है।


दिलचस्प बात ये है कि भारत में स्मार्टफोन बेचने में शाओमी नंबर 1 और वनप्लस नंबर 2 पर हैं। लेकिन सवाल है कि आखिर ये रेडिएशन है क्या और मानक से ज्यादा होने के बाद ये कितना खतरनाक हो सकता है। दरअसल, मोबाइल फोन से जो रेडिएशन निकलता है उसे स्पेसिफिके एब्सॉर्पशन रेट (एसएआर) कहा जाता है और इसे प्रति किलोग्राम वॉट में मापा जाता है।


भारत में एसएआर की सीमा 1.60 वॉट प्रति किलो तय की गई है, जबकि एमआई ए1 का एसएआर 1.75 वॉट प्रति किलो और वनप्लस 5टी का 1.68 वॉट प्रति किलो है। दरअसल, हमारे शरीर में 70 फीसदी पानी है। दिमाग में भी 90 फीसदी तक पानी होता है। यह पानी धीरे-धीरे बॉडी रेडिएशन को अब्जॉर्ब करता है और आगे जाकर सेहत के लिए काफी नुकसानदेह होता है। इसकी वजह से सिरदर्द, लगातार थकान महसूस करना, चक्कर आना, डिप्रेशन, नींद न आना, आंखों में ड्राइनेस के साथ प्रजनन क्षमता में कमी, कैंसर, ब्रेन ट्यूमर और मिस-कैरेज की आशंका भी हो सकती है।