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कंज्यूमर अड्डा: देश में इलेक्ट्रिक गाड़ियों का भूत, भविष्य और वर्तमान

नीति आयोग ने कहा है कि 2030 में यानि आज से करीब 11 साल बाद देश में सिर्फ इलेक्ट्रिक गाड़ियां बिकेंगी।
अपडेटेड Jul 19, 2019 पर 10:32  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

सरकार की थिंक टैंक नीति आयोग ने कहा है कि 2030 में यानि आज से करीब 11 साल बाद देश में सिर्फ इलेक्ट्रिक गाड़ियां बिकेंगी। इससे पहले नीति आयोग प्रस्ताव दे चुका है 2025 से जो भी टू व्हीलर और थ्री व्हीलर देश में बनेंगी वो बैटरी से चलेंगी। अब आज के हालात को ध्यान रखकर बात करें तो लगता है कि ये प्रस्ताव कुछ ज्यादा ही महत्वकांक्षी हैं। लेकिन हमें स्वच्छ पर्यावरण भी तो चाहिए, खासकर दिल्ली जैसे बड़े शहरों में, जहां अक्टूबर के बाद दम घुटने लगता है। ऐसे में क्या है भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का भूत, भविष्य और वर्तमान, इसी पर आज चर्चा करेंगे। लेकिन चर्चा में जाने से पहले आइये देखते हैं कि जो लोग आज की तारीख में इलेक्ट्रिक गाड़ी चला रहे हैं, उनका अनुभव क्या कहता है।


दिल्ली के आर्किटेक्ट रंजन रे उन चंद लोगो में है जो पिछले कई साल से इलेक्ट्रिक गाड़ी चला रहे हैं। पर्यावरण पर कम से कम असर हो ये तो मकसद था ही लेकिन रंजन ने किफायत के लिए भी ये फैसला लिया था। 2015 में खरीदी E20 अभी भी ठीक चल रही है और अब तक इतनी फ्यूल सेविंग हो चुकी है कि गाड़ी का खर्च लगभग निकल गया।


फायदों के साथ-साथ इलेक्ट्रिक कार की अपनी चुनौतियां भी रही हैं। कभी कभी जब ज्यादा गर्मी हो रंजन की गाड़ी अचानक बंद भी हो जाती है। लेकिन ऐसा काफी कम हुआ है। वैसे एक्सपर्ट्स की मानें तो जैसे जैसे तकनीक बदलेगी, ऐसी दिक्कतें दूर हो जाएंगी।


एक और समस्या चार्जिंग को लेकर है। रंजन ने इसका हल निकालने के लिए खुद एक ऐप बनाया है जो इलेक्ट्रिक कार यूजर्स को नजदीकी चार्जिंग स्टेशन के बारे में बताता है। ये चार्जिंग स्टेशन भी EV यूजर्स ने खुद बनाए हैं। लेकिन अधिकतर चार्जिंग स्टेशन स्लो चार्जिंग करते हैं और घंटों लगा देते हैं। फास्ट चार्जिंग की उपलब्धता बड़ी समस्या है। दूसरी तरफ जहां फास्ट चार्जिंग स्टेशन हैं वहां गाड़ियां ही नहीं हैं। चार्जिंग को लेकर लोगों में विश्वास की कमी है। सरकार ने फास्ट चार्जिंग जरूर लगा दिया है लेकिन इस्तेमाल नहीं हो रहा है। अगर देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देना है तो इन समस्याओं का समाधान जल्दी करना होगा। तभी लोगों में विश्वास बढ़ेगा और लोग इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदेंगे।


धीमी शुरूवात के बाद इलक्ट्रिक मोबिलिटी मिशन में अब तेजी आ रही हैं। आईए देखते हैं कौन सी इलेक्ट्रिक गाड़ियां लांच होने वाली हैं


देश की सबसे पहली पावरफुल इलेक्ट्रिक कार Hyundai Kona लॉन्च हो चुकी है। इसकी शुरूवाती कीमत 25.30 लाख रुपये है। अब आने वाले कुछ महीनों या फिर साल भर में भारतीय बाजार में कई इलेक्ट्रिक कारें लॉन्च की जानी हैं। इसी साल के अंत में Audi की इलेक्ट्रिक कार e-tron भारत में लॉन्च हो सकती है। Audi e-tron लग्जरी सेगमेंट में आएगी, जिसकी कीमत करीब 1.5 करोड़ रुपये हो सकती है। इसमें आपको 355 bhp की मैक्सिमम पावर और 561 Nm का पीक टॉर्क मिलेगा। एक बार फुल चार्ज करने पर यह बिना रुके 400 किलोमीटर तक का सफर तय करेगी। ये 5.7 सेकेंड में 100 किलोमीटर की रफ्तार पकड़ेगी और इसकी टॉप स्पीड होगी 200 किलोमीटर प्रति घंटा।


MG मोटर्स अपनी प्योर EV - MG EZS की मैन्युफैक्चरिंग गुजरात प्लांट में करेगी और इसे भारत में दिसंबर तक लॉन्च किया जाएगा। फुल साइज बूट और पांच लोगों के बैठने की जगह वाली MG EZS उन लोगों के लिए है जो इलेक्ट्रिक कार तो चाहते हैं मगर कॉम्पैक्ट एसयूवी जैसी स्पेस भी पंसद करते हैं। कंपनी इसमें 147.5 bhp की पावर वाली बैटरी देगी जिसे सिंगल चार्ज में 428 km चलाया जा सकेगा।


महिंद्रा एंड महिंद्रा अपनी इलेक्ट्रिक KUV100 को इस साल के अंत तक भारत में लॉन्च कर सकती है। eKUV100 में महिंद्रा ने 41 हॉर्सपावर का ई-वेरिटो इंजन दिया गया है। eKUV100 में एक चार्ज में 140 किलोमीटर की रेंज मिल सकती है।


Maruti Suzuki ने Electric WagonR की देश में टेस्टिंग शुरू कर दी है और कंपनी ने देश में बैटरी प्लांट की घोषणा भी की है। एक बार चार्ज होने पर यह कार 200 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकेगी।


Renault City K-ZE को Renault-Nissan के CMF-A प्लेटफॉर्म पर बनाया जाएगा। दावा किया जा रहा है कि इस हैचबैक में 250 किलोमीटर का रेंज मिलेगा।  कार में मल्टीपल चार्जिग मोड्स होंगे । फास्ट-चार्ज फंक्शन केवल 50 मिनट में कार को 80 परसेंट तक चार्ज कर देगा।