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कंज्यूमर अड्डाः ऑनलाइन शॉपिंग में ठगी का खेल

प्रकाशित Fri, 30, 2018 पर 07:43  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

एक छोटा सा चम्मच लेना हो या फिर महंगा स्मार्टफोन, घर के लिए सोफा चाहिए या बीवी के लिए तोहफा यहां तक कि घर का राशन भी। सबकुछ मिलेगा घर बैठे - ये है ऑनलाइन शॉपिंग का जलवा। बच्चे, बूढ़े, जवान - सब अपनी जरूरत की चीजें ऑनलाइन खोजते हैं। ऑनलाइन शॉपिंग कारोबार दिन दूना रात चौगुना तरक्की कर रहा है। लेकिन कभी कंज्यूमर के साथ धोखा तो कभी उंची दुकान में फीके पकवान - यानि नकली या डैमेज प्रोडक्ट। ऊपर से ऐसी शिकायतें आते ही इन कंपनियों का रवैया। जब कोई फॉल्टी प्रोडक्ट आ जाए या जब अटक जाए किसी का रिफंड तब इन ऑनलाइन कंपनियों के तोता रटंत कंज्यूमर हेल्पलाइन ये कहेंगे कि कंज्यूमर की चिंता सर्वोपरि है लेकिन इनसे बात करने का नतीजा होगा - टांय टांय फिस्स।


इंडियन शॉपर्स को ऑनलाइन खरीदारी खूब रास आ रही है, और भारत की ई-कॉमर्स कंपनियां दुनिया में सबसे तेज ग्रोथ दर्ज कर रही हैं। लेकिन ग्रोथ के कुलांचे भरती इस इंडस्ट्री से लोगों की शिकायतें भी बहुत तेजी से बढ़ रही हैं। सीएनबीसी आवाज़ को मिली कई शिकायतों में कहीं ऑनलाइन फोन खरीदने पर साबुन की टिकिया आई, तो कहीं टीवी मंगाने पर टूटा टीवी डिलीवर हुआ। इतना ही नहीं।


नकली प्रोडक्ट मिलने और धोखाधड़ी की शिकायतें भी बढ़ती जी रही हैंI लोकल सर्किल्स ने हाल ही में इस बारे में एक सर्वे किया जिसमें 62 फीसदी लोगों ने माना कि उन्होंने ई-कॉमर्स साईट पर रिव्यू और प्रोडक्ट में अंतर पायाI जबकि 19 फीसदी लोगों को ऑनलाइन खरीदारी करने में नकली प्रोडक्ट डिलिवर हुआ।


इस बीच देश में फिलहाल ई-कॉमर्स कंपनियों की मनमानी पर नकेल कसने वाला कानून अधर में ही अटका हैI सरकार इसकी गाइडलाइंस का ड्राफ्ट तक जारी नहीं कर पाई है।कानून बनाने में देरी का कंपनियां कई तरह से फायदा उठा रही हैं, लेकिन ये भी सच है कि इन कंपनियां तेज ग्रोथ के लिए अच्छा काम भी कर रही हैं।


मसलन, बेन एंड कंपनी की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में ई कॉमर्स के ग्रोथ कारण हैं - यहां ई-कॉमर्स इंडस्ट्री का छोटा बेस, भारी-भरकम डिस्काउंट ऑफर, अच्छा डिलिवरी इंफ्रास्ट्रक्चर, स्मार्टफोन का बढ़ता चलन और तेजी से बढ़ता डाटा का इस्तेमाल। आंकड़ों के मुताबिक 2017 में भारतीय ई-कॉमर्स रिटेल इंडस्ट्री की कुल बिक्री 20 अरब डॉलर थी और अनुमान है कि आने वाले दिनों में ये 50 अरब डॉलर हो जाएगी। हालांकि लोगों तक पहुंचने के मामले में भारतीय ई-कॉमर्स इंडस्ट्री अभी भी काफी पीछे है और दुनिया में 8वें नंबर पर है।


जाहिर है कोई भी इंडस्ट्री जितनी ग्रोथ क्यों न कर लेI लेकिन अगर ग्राहकों को अच्छी सर्विस नहीं मिलेगी तो उसकी रफ्तार पर लगाम कभी भी लग सकती है।