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वॉट्सऐप में जासूसों की सेंध, क्या वॉट्सऐप से अच्छा रहेगा टेलीग्राम!

वॉट्सऐप पर जासूसी की खबरों से लोग सहम गए हैं।
अपडेटेड Nov 07, 2019 पर 16:21  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

वॉट्सऐप पर जासूसी की खबरों से लोग सहम गए हैं। खासकर वैसे लोग जो अपने कामकाज से जुड़ी बातें मैसेंजर के जरिए शेयर करते हैं। वैसे भी हर जागरूक आदमी अपनी प्राइवेसी का महत्व समझता है और ये कभी नहीं चाहेगा कि कोई उसकी प्राइवेट बातों पर नजर रखे। ऐसे में सवाल ये है कि किया क्या जाए? वॉट्सऐप इस कदर हमारी जिंदगी में जगह बना चुका है कि उसे रिप्लेस कर देना आसान नहीं है। भारत में 40 करोड़ लोग वॉट्सऐप इस्तेमाल करते हैं। हम अपना मैसेंजर बदल भी लें तो जब तक हमारे नेटवर्क के दूसरे लोग भी ऐसा ना करें तो काम नहीं बनेगा। दूसरी बात कि विकल्प क्या है। पिछले कुछ महीनों से टेलीग्राम ऐप तेजी से फैल रहा है। वजह सिर्फ एक है, बेहतर प्राइवेसी फीचर्स। इसी तरह अमेरिका में प्रचलित एक और मैसेंजर है सिग्नल। आजकल ये भी भारत में बहुत पॉपुलर हो रहा है। हो सकता है कि आपके दिमाग में भी ये सवाल चल रहा हो कि आखिर सोशल मीडिया मैसेंजर पर हम कैसे निश्चिंत होकर कन्वर्सेशन कर सकते हैं। चलिए इसका जवाब खोजते हैं। चर्चा के लिए हमारे साथ हैं साइबर वकील प्रशांत माली, डाटा प्राइवेसी कंसल्टेंट रितेश भाटिया और ल्यूसिडियस के को फाउंडर राहुल त्यागी।


वॉट्सऐप बनाम टेलीग्राम


वॉट्सऐप में जासूसों ने सेंध लगा दी है। भारतीयों के वॉट्सऐप भी हैक हुए हैं। अब मैसेंजर पर लोगों का भरोसा घटा है। मैसेंजर में प्राइवेसी का सवाल उठ रहा है।
इस स्थिति भारत में टेलीग्राम तेजी से बढ़ रहा है। इसके अलावा अमेरिकी मैसेंजर सिग्नल भी मौजूद है। भारत में वॉट्सऐप के 40 करोड़ यूजर्स हैं जबकि टेलीग्राम के सिर्फ 2.9 करोड़ यूजर्स हैं। वहीं, सिग्नल के सिर्फ 70,000 यूजर्स हैं।


टेलीग्राम में क्या अच्छा?


- वॉट्सऐप से ज्यादा सिक्योरिटी
- बेहतर सिक्योरिटी प्रोटोकॉल
- मैसेज का आदान-प्रदान सिक्योर
- टेलीग्राम में सेक्रेट चैक का ऑप्शन
- तय समय में मैसेज डिलीट हो जाता है
 
WhatsApp पर जासूसी !


- WhatsApp के जरिए जासूसी पर बड़ा खुलासा
- इजराइली कंपनी पर लगा जासूसी का आरोप
- दुनियाभर के 1400 लोगों के फोन हुए हैक
- कई भारतीय पत्रकार, वकीलों की जासूसी
- मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की भी जासूसी
- WhatsApp ने मई में हैकिंग की बात स्कीकारी
- वीडियो कॉलिंग के जरिए यूजर्स को मालवेयर भेजा गया
- हैकिंग की जानकारी WhatsApp ने लोगों से शेयर की
- सभी 1400 लोगों को मैसेज के जरिए सचेत किया
- दुनियाभर में WhatsApp यूजर्स की संख्या 1.5 अरब
- भारत में सबसे ज्यादा 40 करोड़ WhatsApp यूजर्स


फोन में ना घुस पाए जासूस


- फोन में सिर्फ जरूरत के App Install करें
- फोन में गुमनाम App कभी Install नहीं करें
- बेकार App को मोबाइल से तुरंत हटाएं
- ज्यादा इस्तेमाल वाले App पर भी नजर रखें
- App के अजीब बर्ताव पर सावधान हो जाएं
- अजीब बर्ताव पर फोन में बेतुके विज्ञापन दिखेंगे
- गमिंग, पॉर्न, फोटो App के जरिए ज्यादा अटैक
- हमेशा सुरक्षित प्लेटफॉर्म से ही App Install करें
- सिर्फ Play Store, iOS जैसे प्लेटफॉर्म App Install
- मोबाइल में एंट्री वायरस भी डालना जरूरी


किस सॉफ्टवेयर से जासूसी?


- इजरायल की NSO Group पर हैकिंग का आरोप
- Pegasus नाम के स्पाईवेयर का इस्तेमाल हुआ
- दुनियाभर के 1400 लोगों की जासूसी की गई
- Pegasus सॉफ्टवेयर 2016 में चर्चा में आया था
- एंटी वायरस फर्म Kaspersky ने किया था खुलासा
- Kaspersky ने कहा था Pegasus जासूसी सॉफ्टवेयर है


Kaspersky ने क्या कहा था?


- Pegasus से सभी तरह के फोन हैकिंग संभव
- iPhone-iPad, Android फोन हैकिंग संभव
- Pegasus के जरिए फोन पर 24 घंटे नजर संभव
- यूजर्स को इस सॉफ्टवेयर की भनक भी नहीं लगती
- Pegasus पूरी तरह फोन को कब्जे में ले सकता है


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