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कंज्यूमर अड्डाः खतरे में आपका क्रेडिट कार्ड

प्रकाशित Tue, 03, 2018 पर 18:44  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

क्रेडिट कार्ड का डाटा चुराने के लिए कई तरह के तरीके है, लेकिन आपके कार्ड का डाटा चुराकर आपके कार्ड से कैसे शॉपिंग की जाती है। होटल, पेट्रोल पंप, मेडिकल जैसे कई जगहों पर आपके साथ धोखा हो सकता है। स्किमिंग, क्लोनिंग, फिशिंग से कैसे आपके डाटा की चोरी होती है। इसी पर आज कंज्यूमर अड्डा पर चर्चा होगी।


बता दें कि कई तरह की कार्ड स्किमर डिवाइस होती हैं जिनके अंदर क्रेडिट-डेबिट कार्ड स्वाइप करने पर उस कार्ड की सारी जानकारी आपके कंप्यूटर या लैपटॉप में आ जाती है। इसके बाद एक खाली कार्ड लिया जाता है और एडवांस्ड तरह के प्रिंटर के जरिए क्लोन किए गए कार्ड की सारी जानकारी उस कार्ड के ऊपर प्रिंट कर दी जाती है। कई बार तो हूबहू ओरिजनल कार्ड के जैसा डुप्लीकेट या क्लोन्ड क्रेडिट-डेबिट कार्ड तैयार कर लिया जाता है।


फिशिंग में साइबर क्रिमिनल, कार्ड धारक के बैंक की ईमेल आईडी से मिलती-जुलती एक फर्जी ई-मेल आईडी तैयार करते हैं। उस फर्जी ई-मेल आईडी को कस्टमर को भेजकर सीक्रेट डेटा मंगाते हैं।


क्रेडिट कार्ड क्लोनिंग के जरिए डुप्लिकेट कार्ड बनाकर लोगों को शिकार बनाते हैं। दरअसल, क्रेडिट कार्ड को मशीन से स्वाइप करने के दौरान ही कार्ड की मैगनेटिक स्ट्रिप पर दर्ज सारे डेटा को चुरा लिया जाता है। इसके बाद डुप्लिकेट कार्ड तैयार कर जालसाज शॉपिंग कर लेते हैं।


बैंक की तरह मिलती-जुलती वेबसाइट की मदद से कार्ड की डिटेल लेकर भी कस्टमर को जालसाज अपना शिकार बनाते हैं। जैसे ही आप बैंक की साइट खोलते हैं, उसी लिंक से फर्जी साइट भी खुल जाती है। इस वेबसाइट में आप जैसे ही अपने कार्ड का नंबर व पासवर्ड एंटर करेंगे उसकी जानकारी जालसाजों के पास पहुंच जाती है।


ऐसे में आपको कुछ सावधानी बरतनी होगी। अपना कार्ड कहीं दूर न ले जाने दें। सामने खड़े हो कर कार्ड पेमेंट करें। होटल, पंप, मेडिकल, दुकान पर इस बात की सावधानी रखें। फोन पर अपना पासवर्ड किसी को न बताएं। लालच देने वाले फर्जी मेल से सावधान रहें।