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कंज्यूमर अड्डा: दिल्ली में धूल का डेरा, अब सावधानी ही सुरक्षा

प्रकाशित Fri, 15, 2018 पर 07:45  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

दिल्ली में आंधी के साथ आई धूल ने डेरा जमा लिया है। धुंध छाई हुई है, प्रदूषण खतरनाक स्तर को पार कर चुका है। नतीजा विजिबिलिटी बहुत कम हो गई है, लोगों को सांस लेने में तकलीफ महसूस हो रही है। लोग आंखों में जलन और गले में खरास की भी शिकायत कर रहे हैं। पहले दिवाली पर पटाखे, फिर सर्दियों के दौरान पराली का धुआं और अब ये धूल भरी आंधी यानि दिल्ली की हवा कभी भी बिगड़ जाती है। लेकिन ऐसे हालात से निपटने के लिए अभी तक कोई तगड़ा इंतजाम नहीं हुआ है। अभी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और एमसीडी जैसी एजेंसियां थोड़ा बहुत काम कर रही हैं, पानी का छिड़काव हो रहा है और 17 जून तक निर्माण कार्य रोक दिए गए हैं। लेकिन एक्सपर्ट कह रहे हैं कि जबतक अच्छी बारिश नहीं होती, इस धूल से निजात मिलना मुश्किल है।


इसलिए लोगों से कहा जा रहा है कि काम हो तभी घर से निकलें और 3-4 घंटे से ज्यादा बाहर ना रहें। दिल्ली के अलावा राजस्थान, पंजाब और हरियाणा के कुछ इलाकों में भी यही हालात हैं। आसमान में धूल की चादर के चलते चंडीगढ़ में फ्लाइट की लैंडिंग और टेक ऑफ रोकनी पड़ी। तो ऐसे में क्या करें, कैसे बचें ये बताएंगे हमारे एक्सपर्ट।


एक्सपर्ट्स का कहना है कि बीमार व्यक्ति, गर्भवती महिलाएं इस स्थिति में सावधान रहें। बच्चे और बुजर्ग भी बचकर ही रहें। धूल और गर्द से सांस फूलना, खांसी, इंफेक्शन का खतरा है। इससे आंखों में जलन भी होसकती है और आंख से पानी भी आ सकता है। सांस की बीमारी है तो ज्यादा खतरा है। इससे खून में ऑक्सीजन की कमी संभव है। सिरदर्द, उल्टी, बेचैनी होने पर एलर्ट हो जाएं। दिल की बीमारी है तो खास सावधानी बरतें। बचाव के लिए बिना काम घर से बाहर ना निकलें। बाहर निकलें तो मास्क लगाना बेहतर रहेगा। ताजा और साफ चीजें ही खाएं, साफ चीजें ही खाएं। पानी खूब पिएं तो अच्छा रहेगा। तकलीफ थोड़ी भी बढ़े तो डॉक्टर के पास जाएं।