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कंज्यूमर अड्डा: बढ़ रही साइबर दादागिरी, क्या है समाधान

प्रकाशित Wed, 05, 2018 पर 08:06  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

अगर दुश्मन आपके सामने हो तो उसपर वार करना आसान होता है लेकिन अगर कोई छिपकर हमला करे तो पलटवार कैसे करें। साइबर जगत एक एसा ही वॉर जोन है जहां हमारे ऊपर एकतरफा हमले हो रहे हैं। यहां हम ही नहीं, हमारे बच्चे भी बिना नाम, बिना चेहरे वाले अज्ञात लोगों के साथ अच्छा-खासा वक्त बिता रहे हैं। बच्चे वहां जाते तो हैं सोशल मीडिया पर अपने दोस्तों से कनेक्ट करने लेकिन अनजाने में ऐसे लोगों से जुड़ जाते हैं जो उनका गलत फायदा उठा सकते हैं। इंटरनेट पर बच्चे समझ नहीं पाते कि कब उन्होंने सीमा तोड़ी और साइबर दादागिरी का टार्गेट बन गए।


इंटरनेट पर भद्दी भाषा, गंदी तस्वीरों या धमकियों से तंग करना आम होता जा रहा हैI साइबर गुंडे आसान टारगेट की घात में रहते हैं और इसीलिए गृह मंत्रालय अ हैंडबुक फॉर स्टूडेंट्स ऑन साइबर सेफ्टी ले कर आया है। आसान भाषा में लिखी ये बुकलेट बच्चों को समझाने की कोशिश कर रही है कि साइबर जगत मौज मस्ती के साथ आपके लिए खतरा भी बन सकती है।


बच्चों को स्मार्टफोन, गैजेट, ऑनलाइन गेमिंग, और सोशल मीडिया के खतरों से चेताया गया है उन्हें बताया गया है कि साईबर बुलिंग में निजी जानकारी या तस्वीरों के जरिए ब्लैकमेंलिंग से लेकर डराया धमकाया जा सकता है। साइबर बुलिंग से भी ज्यादा खतरनाक है साइबर ग्रूमिंग। साइबर ग्रूमिंग यानि पहले अच्छी अच्छी बाते करके दोस्ती करना और फिर दोस्ती होने पर इमोशनली कंट्रोल करने की कोशिश की जाती है। टीनएजर्स एक्सर ऐसे झांसों में आ जाते हैं। बुकलेट में फेक न्यूज को लेकर भी अतिरिक्त चौकसी बरतने की सलाह दी गई है, विशेषकर मॉब लिंचिंग के संदर्भ में फेक न्यूज और अफवाहों से बचने के उपाय बताए गए हैंI सोशल मीडिया पर टेक्स्ट, ग्राफिक या चित्र के रूप में किसी गलत या फर्जी संदेश को फॉर्वर्ड करने या शेयर करने के खतरों को बताया गया हैI


इंडियन कंप्यूटर रिस्पॉन्स टीम के एक आंकड़े के मुताबिक 2017 में साइबर सुरक्षा में सेंध और उसके अपराध से जुड़े 53 हजार से भी ज्यादा मामले भारत में सामने आए थेI अमेरिका और चीन के बाद भारत इंटरनेट के इस्तेमाल में तीसरे नंबर पर आता हैI माना जा रहा है कि आने वाले कुछ सालों में ये दोनों देशों से आगे जा सकता हैI भारत स्मार्टफोन का भी एक निरंतर वृद्धि करता बाजार है ऐसे में इंटरनेट से जुड़े खतरों भी भारत में सबसे ज्यादा परेशान कर सकते हैं।


गृह मंत्रालय ने पिछले साल साइबर और सूचना सुरक्षा संभाग का गठन किया थाI साइबर अपराधों की शिकायत के लिए गृह मंत्रालय के एक पोर्टल cybercrime.gov.in भी शुरु किया है किया है जिस पर गोपनीय तरीके से बच्चों के खिलाफ किसी भी तरह के साइबर अपराध की शिकायत दर्ज की जा सकती है।