बिल्डर पर सख्ती, ग्राहक को मिलेगी शक्ति -
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बिल्डर पर सख्ती, ग्राहक को मिलेगी शक्ति

प्रकाशित Fri, 03, 2018 पर 07:40  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

आम्रपाली मामले में सुप्रीम कोर्ट ने देश के बिल्डरों को सख्त संदेश दिया है। कोर्ट ने आम्रपाली के सारे अधूरे प्रोजेक्ट अब एनबीसीसी के हवाले कर दिए हैं। ग्रुप की कंपनियों और डायरेक्टरों पर भी गाज गिरी है। चाहे प्रोमोटर हो, डायरेक्टर या सब्सिडियरी, आम्रपाली के सभी खाते और प्रॉपर्टी को जब्त कर लिया गया है। आम्रपाली के पास जमा ग्राहकों के पैसे का पता लगाने का आदेश भी कोर्ट ने दिया है।


अब अगर कोई बिल्डर एक प्रोजेक्ट का पैसा दूसरे प्रोजेक्ट के लिए डाइवर्ट करता है तो इसे अपराध माना जाएगा। यानि सीधे शब्दों में, अब बिल्डरों की मनमानी नहीं चलेगी। सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि रियल एस्टेट सेक्टर में घर खरीदारों से फ्रॉड एक रोग की तरह फैल गया है। और इसपर एक्शन किस तरह होगा, ये आम्रपाली के खिलाफ उठाए सख्त कदम से साफ होता है। आज कंज्यूमर अड्डा में कोर्ट की इसी सख्ती और इसमें छिपी ग्राहक की शक्ति पर बात होगी।


सुप्रीम कोर्ट के आदेशनुसार ग्राहक का पैसा डाइवर्ट करना अपराध माना जाएगा। बिल्डर ग्राहक का पैसा दूसरे प्रोजेक्ट में नहीं लगा सकता है।


आम्रपाली के सभी प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी एनबीसीसी लेगा, जिसके तहत 30 दिनों में एनबीसीसी प्लान सौंपना होगा। एनबीसीसी को ग्राहकों के जमा पैसे का पता लगाने का आदेश दिया गया है। घर खरीदारों का 2,500 करोड़ रुपया आम्रपाली के पास जमा है। अगली सुनवाई 4 सितंबर को होगी। आम्रपाली ग्रुप की सभी 40 कंपनियों की प्रॉपर्टी जब्त होगी। साथ ही प्रोमोटर और डायरेक्टर की प्रॉपर्टी भी जब्त की जायेगी।