Moneycontrol » समाचार » बाज़ार खबरें

coronavirus crisis: FM जल्द ही कर सकती है 3 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज का ऐलान- रिपोर्ट

सरकार ने हाल ही में अपनी उधारी 7.8 लाख करोड़ रुपये से 54 फीसदी बढ़ाकर 12 लाख करोड़ रुपये करने का ऐलान किया था।
अपडेटेड May 12, 2020 पर 20:47  |  स्रोत : Moneycontrol.com

बिजनेस स्टैंडर्ड में प्रकाशित एक खबर के मुताबिक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन इस हफ्ते के अंत तक 3 लाख करोड़ रुपये के एक बड़े आर्थिक राहत पैकेज का ऐलान कर सकती हैं। उम्मीद है कि दूसरे मंत्रालय भी अपने सेक्टरों के लिए बड़ी घोषणाएं कर सकते हैं।


सरकार का ये राहत पैकेज जीडीपी के प्रतिशत के आधार पर G-20 देशों के स्तर का हो सकता है।


मनीकंट्रोल इस खबर की स्वतंत्र रुप से पुष्टि नहीं करता है।


इंडस्ट्रीज की तरफ से लगातार बढ़ते दबाव के बावजूद सरकार इस मुद्दे पर अभी तक काफी नपे-तुले तरीके से कदम उठा रही थी। सरकारी सूत्रों के मुताबिक वित्त वर्ष 2021 के लिए सरकारी उधारी 7.8 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 12 लाख करोड़ रुपये करने के सरकार के फैसले से सरकार के पास जो पैसे आएंगे उसी के आधार पर ये राहत पैकेज लाया जा रहा है।


इस राहत पैकेज का दूसरा कारण यह भी है कि इस बात को लेकर भारी असमंजस बना हुआ है कि कोरोना संकट अभी कितना लंबा और कितना गहरा हो सकता है। सरकार इकोनॉमी के धीरे-धीरे खुलने के साथ ही छोटे उद्योगों को सहायता देना चाहती है।


सरकारी सूत्रों के मुताबिक इस हफ्ते के अंत तक आनेवाला राहत पैकेज 1.7 लाख करोड़ रुपये के पिछले राहत पैकेज की तुलना में काफी बड़ा होगा।


इस राहत पैकेज से क्या है उम्मीदें


> इसमें माइक्रो, स्मॉल और मीडियम इंटरप्राइजेज के वर्किंग कैपिटल लोन के लिए क्रेडिट स्कीम लाई जा सकती है।


> प्रवासी मजदूरों से जुड़े संकट को देखते हुए कंपनियों और कारोबारियों को अपनी वर्क फोर्स को बनाए रखने के लिए प्रोत्साहन मिल सकता है।


> डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर स्कीम का विस्तार हो सकता है।


> मनरेगा भुगतान में बढ़ोतरी हो सकती है। 


> पीएम किसान स्कीम के तहत मिलनेवाली सहायता पर फोकस हो सकता है।


> ग्रीन और ऑरेंज जोनों में आर्थिक गतिविधियों का विस्तार और लॉकडाउन में क्रमश नरमी पर जोर हो सकता है।


> रेल और हवाई सेवाओं के फिर से शुरु होने से संबंधित जानकारी हो सकती है।


> कोरोना महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित सेक्टर जैसे हॉस्पिटैलिटी, टूरिज्म, एविएशन और ऑटो  सेक्टर के लिए बूस्टर डोज


> इसके अलावा एनबीएफसी और म्यूचुअल फंड के लिए उनसे संबद्ध मंत्रालय अलग से घोषणाए कर सकते हैं।


गौरतलब है कि औद्योगिक संगठन सरकार से लगातार राहत पैकेज की मांग कर रहे हैं। 11 मई की FICCI की प्रेसिडेंट संगीता रेड्डी ने वित्त मंत्री को लिखे अपने पत्र में कहा था कि भारतीय इकोऩॉमी को बचाने के लिए तत्काल 2.5 लाख करोड़ रुपये के पैकेज की आवश्कता है। वैसे FICCI कुल 4.5 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज की मांग कर रहा है।


सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें।