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CORONAVIRUS Impact: Moody's ने भारतीय बैंकों का आउटलुक स्टैबल से घटाकर Negative किया

मूडीज ने कहा है कि आगे बैंकों की असेंट क्वालिटी में गिरावट देखने को मिलेगी जिससे उनके मुनाफे और आय पर दबाव बढ़ेगा।
अपडेटेड Apr 03, 2020 पर 09:04  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

मूडीज  के इन्वेस्टर्स सेवा ने 2 अप्रैल को भारतीय बैकिंग सिस्टम के आउटलुक को स्टैबल से बदलकर नेगेटिव कर दिया है। मूडीज का मानना है कि देश में CORONAVIRUS OUTBREAK के चलते बैंकों की  इकोनॉमी गीतिविधियों में सुस्ती आई है जिसकी वजह से आगे बैंकों की असेट  क्वालिटी और खराब होने की संभावना है।


मूडीज  ने आगे कहा है कि कॉपोर्रेट, स्मॉल और मिडियम इंटरप्राइजेज और रिटेल जैसे सभी सेगमेंट्स में बैंकों की असेट क्वालिटी खराब होगी जिससे बैंकों के आय और मुनाफे पर दबाव बढ़ेगा। मूडीज  ने आगे कहा है कि उसने भारतीय बैंकिंग सिस्टम के आउटलुक को स्टैबल से घटाकर नेगेटिव कर दिया है। CORONAVIRUS OUTBREAK की वजह से देश में इकोनॉमिक गतिविधिओं में आई गिरावट इंडियन इकोनॉमी की ग्रोथ में दिख रही मंदी को और बढ़ाएगी।


मूडीज  का कहना है कि इकोनॉमिक गतिविधियों में तेज गिरावट और बेरोजगारी में बढ़त की वजह से आम लोगों और कंपनियों की वित्तीय स्थिति को बड़ा झटका लगेगा जिससे आगे बड़े डिफॉल्ट देखने को मिल सकते हैं।


मूडीज  ने आगे कहा कि एनबीएफसी कंपनियों पर बढ़ते सॉल्वेंसी स्ट्रेस (SOLVENCY STRESS) की वजह से बैंकों की असेट क्वालिटी के खराब होने का खतरा और बढ़ जाता है क्योंकि एनबीएफसी में बैंकों का बड़ा एक्सपोजर है।


मूडीज  का मानना है कि मुनाफे और लोन ग्रोथ में गिरावट की वजह से बैंकों के कैपिटलाइजेशन (Capitalization) पर भी नकारात्मक असर पड़ेगा।  अगर सरकार पिछले कुछ वर्षों की तरह सरकारी बैंकों में कुछ और पैसे डालती है तो इन बैंकों को कुछ राहत मिल सकती है।


मूडीज  ने अपने रिपोर्ट में आगे कहा है कि हालांकि पब्लिक सेक्टर बैंकों में फंडिंग और लिक्विडिटी की स्थिति में स्थिरता रहेगी लेकिन यस बैंक (Yes Bank) जैसे डिफॉल्ट की वजह से जोखिम से बचने की भावना बढ़ने की वजह से कुछ प्राइवेट सेक्टर के छोटे बैंकों पर फंडिंग और लिक्विडिटी का दबाव देखने को मिल सकता है।


मूडीज ने आगे कहा है कि देश में CORONAVIRUS के OUTBREAK की वजह से भारत में आर्थिक मंदी का खतरा और बढ़ेगा। ग्लोबल इकोनॉमिक स्थितियों में कमजोरी और CORONAVIRUS के फैलाव को रोकने के लिए देश में घोषित 21 दिनों का लॉकडाउन घरेलू मांग और निजी निवेश को नकारात्मक रुप से प्रभावित करेगा। बता दें कि मूडीज  भारत के 6 कमर्शियल बैंकों की रेटिंग करता है जो बैंकिंग सिस्टम में लगभग 75 फीसदी डिपॉजिट रखते है।




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