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Covid-19: किस्त में देरी पर बैंक NPA नहीं घोषित कर सकते- दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक सुनवाई में कहा है कि कोरोनावायरस के संकट से अगर कोई कंपनी समय पर अपना किस्त नहीं दे पाती तो बैंक उसे NPA नहीं घोषित कर सकते
अपडेटेड Apr 07, 2020 पर 12:29  |  स्रोत : Moneycontrol.com

कोरोना वायरस की मार से पूरी दुनिया को आर्थिक चोट पहुंची है। इस संकट के चलते कई कंपनियों को तगड़ा नुकसान झेलना पड़ रहा है। ऐसे हालात मे कंपनियों ने जो बैंक से लोन लिये थे, उसकी भी समय से किस्त नहीं चुका पा रहे हैं। ऐसी स्थिति में बैंक इन लोन को NPA घोषित कर रहे हैं। जिस पर दिल्ली हाईकोर्ट ने बैंक को NPA घोषित करने पर रोक लगा दी है।
दरअसल एक रियल एस्टेट कंपनी ने बैंक से लोन लिया था, जिसे जनवरी मे किस्त भरनी थी। लेकिन कंपनी समय से किस्त नहीं चुका पाई। इस पर बैंक के सॉफ्टवेयर ने उसे NPA घोषित कर दिया। कंपनी ने इस साल जनवरी से किस्त नहीं चुकाई है। कंपनी ने अदालत से गुहार लगाई थी कि बैंक कंपनी के खिलाफ कोई कदम न उठाए। कंपनी के वकील ने कहा कि वो 25 अप्रैल तक ब्याज समेत किस्त चुका देगी। इसमें लॉकडाउन की कोई स्थिति नहीं आएगी। इस पर कोर्ट ने कहा कि बैंक कंपनी के इस लोन 31 मार्च 2020 को NPA नहीं घोषित करना चाहिए। इनके अकाउंट्स को फिर से बहाल किया जाए। कोर्ट वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई कर रही थी।


कोर्ट ने इससे पहले 3 अप्रैल को बैंक को आदेश दिया था कि वो कंपनी के खिलाफ कोई भी कड़ी कार्रवाई नहीं करेगा।
कंपनी के मुताबिक उसने बैंक से 1,570 करोड़ रुपये का लोन लिया था। इसमें से 1,056 करोड़ रुपये का दिया जा चुका है। यह लोन ब्याज समेत दिया गया है। कंपनी का दावा है कि दिसंबर 2019 में दुनियाभर में कोरोना वायरस फैलने के साथ ही उसकी आर्थिक स्थिति पर असर पड़ा है।


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