Moneycontrol » समाचार » बाज़ार खबरें

Covid-19 Effect: कर्मचारियों की सैलरी के लिए महाराष्ट्र सरकार को लेना पड़ सकता है कर्ज!

उद्योग धंधे बंद होने से सरकार को रेवेन्यू नहीं मिल रहा है इसीलिए सरकार को वेतन के लिए कर्ज लेना पड़ सकता है
अपडेटेड Apr 10, 2020 पर 20:53  |  स्रोत : Moneycontrol.com

कोरोना वायरस (Coronavirus) के कारण लागू किये गये लॉकडाउन (Lockdown) के चलते जहां तमाम उद्योग धंधे ठप पड़े हैं वहीं महाराष्ट्र सरकार के राजस्व में भी जोरदार गिरावट देखने को मिली है। सरकार की तिजोरी में धन में कमी के कारण सरकार के सामने अपने कर्मचारियों के वेतन की समस्या मुंह खोल कर खड़ी हो गई है। सूत्रों से पता चला है कि अप्रैल से जून तक कर्मचारियों को 3 महीनों का वेतन देने के लिए राज्य सरकार को 15 से 20 करोड़ रुपये का कर्ज लेना पड़ सकता है।


राज्य सरकार पर पहले से कर्ज का भार है। उस पर इस लॉकडाउन के कारण कुछ दिनों से उद्योग, कारोबार और आर्थिक लेन-देन बंद पड़ गये हैं। जीएसटी, स्टैंप ड्यूटी, एक्साइज और परिवहन टैक्स के जरिये मिलने वाला राजस्व पूरी तरह से ठप पड़ गया है जिसके कारण राज्य को 40 हजार करोड़ रुपये का घाटा हुआ है।


महाराष्ट्र टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक पिछले वर्ष मार्च में राज्य को 42 हजार करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इस साल मार्च में करीब 60 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। इस बार सरकार को मार्च महीने में टैक्स के रूप में केवल 17 हजार करोड़ रुपये  मिले हैं। उसी प्रकार पिछले साल अप्रैल में सरकार को 21 हजार करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था जबकि इस बार अप्रैल में अब तक मात्र 4 से 5 करोड़ रुपये सरकार की झोली में आये हैं जिसमें करीब 76 प्रतिशत की कमी देखने को मिली है।


सरकारी सूत्रों के अनुसार सितंबर-अक्टूबर 2019 की जीएसटी वापसी रकम के रूप में सरकार को सिर्फ 1800 करोड़ रुपये  मिले  थे जबकि इसके अलावा और 5 हजार करोड़ वापस मिलने वाला है।


राज्य सरकार पर फिलहाल 5.2 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है। कर्ज के ब्याज के रूप में हर महीने 3 हजार करोड़ रुपये चुकाने पड़ते हैं। ये लॉकडाउन के हटने के बाद भी इकोनॉमी के पटरी पर आने में कई महीने लगनेवाले हैं। इसलिए सरकार का राजस्व भी पहले जैसा नहीं रहने वाला है। सरकारी अधिकारियों का अंदाजा है कि अगले अक्टूबर तक राज्य सरकार का राजस्व हमेशा की तुलना  में 50 प्रतिशत तक घट सकता  है।


सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें।