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COVID-19 impact: IDFC First Bank ने सीनियर प्रबंधन के वेतन में कटौती का किया ऐलान

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने कहा कि उसके वरिष्ठ प्रबंधन ने 2020-21 के लिए अपने वेतन में 10 फीसदी की कटौती को सवेक्षिक मंजूरी दी है।
अपडेटेड May 27, 2020 पर 23:41  |  स्रोत : CNBC-TV18

प्राइवेट सेक्टर का बैंक आईडीएफसी फर्स्ट बैंक (IDFC First Bank) 26 मई को ऐसा दूसरा लिस्टेड बैंक बन गया जिसने वर्तमान वित्तवर्ष के लिए वेतन में कटौती का ऐलान किया है।


कोटक महिंद्रा बैंक और एनबीएफसी कंपनी इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस ऐसी दूसरी फाइनेंशियल सर्विसेस सेक्टर की कंपनियां है जिन्होंने कोरोना महामारी के चलते उत्पन्न संकट की वजह से वेतन में कटौती का ऐलान किया है। इनमें से कुछ कटौतियों को  स्वैच्छिक कटौती का नाम दिया गया है।


आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एक्जिक्यूटिव ऑफिसर वी वैद्यनाथन ( V Vaidyanathan) ने कहा है कि बैंक ने शीर्ष स्तर से किफायत के लिए कदम उठाने शुरु किए हैं। हम इस कठिन परिस्थिति से गुजर रहे ग्राहकों, छोटी-बड़ी कंपनियों और आम लोगों के दर्द को महसूस करते हैं।


वी वैद्यनाथन ने वित्त वर्ष 2020-21 के लिए खुद अपने वेतन मे 30 फीसदी कटौती का प्रस्ताव रखा है। बता दें कि पिछले महीने कोटक महिंद्रा बैंक ने भी सूचित किया था कि उसकी शीर्ष टीम ने वर्तमान वित्त वर्ष के लिए अपने वेतन में 15 फीसदी कटौती का स्वैच्छिक प्रस्ताव रखा है।


बैंक के सीईओ उदय कोटक ने पूरे वित्त वर्ष 2021 के लिए वेतन ना लेने का चुनाव किया है। वे टोकन के रुप में केवल 1 रुपये वेतन लेंगे। कोटक महिंद्रा बैंक ने वेतन कटौती पर अपना बयान जारी करते हुए कहा था कि हम एक ऐसी लड़ाई लड़ रहे हैं जहां हमें अपने जीवन और जीवन यापन के साधन दोनों का बचाव करना है। इकोनॉमी का रिवाइवल एक स्वस्थ और मजबूती फाइनेशिंयल सेक्टर पर निर्भर करेगा।


इस घोषणा के हफ्ते भर बाद ही कोटक महिंद्रा बैंक ने अपने उन सभी कर्मचारियों के वेतन में 10 फीसदी की कटौती का ऐलान किया था जिनका वेतन 25 लाख रुपये प्रति वर्ष से ज्यादा है। इसी तरह के एक और मामले में इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस में पिछले महीने अपने वरिष्ठ प्रबंधन के वेतन में वर्तमान वित्त वर्ष के लिए 35 फीसदी स्वैच्छिक कटौती का ऐलान किया था।


इसी तरह के एक मामले में एचडीएफसी बैंक के एनबीएफसी आर्म एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेस ने  कम से कम 100 लोगों की छंटनी कर दी। हालांकि एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेस ने सीएनबीसी टीवी18 से हुई अपनी बातचीत में कहा था कि इस छंटनी का कोरोना वायरस की वजह से लागू लॉकडाउन और उससे जुड़ी परेशानी से कोई संबंध नहीं है।


इसी तरह पीटीआई ने पिछले हफ्ते अपनी एक रिपोर्ट में कहा था कि इंडियाबुल्स ग्रुप ने अपने करीब 2000 कर्मचारियों को इस्तीफा देने के लिए कहा है। हालांकि सीएनबीसी टीवी18 ने इस रिपोर्ट की स्वतंत्र रुप से पुष्टि नहीं की थी।


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