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COVID crisis: जल्द ही आपके हेल्थ पॉलिसी में डॉक्टर से ऑनलाइन परामर्श की फीस भी होगी कवर

IRDAI द्वारा हाल ही जारी सर्कुलर में इंश्योरेंस कंपनियों को सलाह दी गई है कि वो टेली मेडीसिन को डॉक्टर से मिले वैधानिक परामर्श में स्वीकार करें।
अपडेटेड Jun 26, 2020 पर 18:30  |  स्रोत : Moneycontrol.com

Mahavir Chopra


दुनिया भर में फैली महामारी के चलते कई तरह की सेवाएं ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की तरफ रुख कर चुकी हैं। इसमें टेली मेडिसिन भी शामिल है। टेलीमेडिसीन के जरिए डॉक्टर के पास बिना गए हमें लॉकडाउन के दौरान मेडिकल परामर्श मिल सकता है। इससे काफी सुविधा हुई है।


भारत के टियर 2 और टियर 3 शहरों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी टेली कंसल्टेशन में उछाल देखने को मिला है। बता दें कि इन इलाकों में अच्छी स्वास्थ्य सुविधा का ना होना देश के लिए एक बड़ा मुद्दा है।


IRDAI द्वारा हाल ही जारी सर्कुलर में इंश्योरेंस कंपनियों को सलाह दी गई है कि वो टेली मेडीसिन को डॉक्टर से मिले वैधानिक परामर्श में स्वीकार करें। IRDAI ने ये सुर्कलर मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के उस गाइडलाइंस को ध्यान में रखते हुए दिया है जो डॉक्टरों को अपने मरीजों को व्हाट्सएप, स्काईप, टेलीफोन, ईमेल के जरिए मेडिकल परामर्श देने की अनुमति देता है।


इंश्योरर जल्द ही टेलीकम्युनिकेशन के जरिए डॉक्टर से मिले परामर्श को वैध मेडिकल परामर्श के तौर पर मान्यता देनें और उसके लिए क्लेम करने की प्रक्रिया तय करेंगे।


क्या है कवरेज की प्रक्रिया


भर्ती होने के पहले और बाद के खर्च : डॉक्टर की परामर्श फीस सामान्य तौर पर भर्ती होने के पहले और भर्ती होने के बाद के खर्चों में शामिल होती है। IRDAI के नए गाइडलाइन के मुताबिक अब आप टेली कंसल्टेशन पर आनेवाली फीस के लिए भी क्लेम कर पाएंगे। टेलीकम्युनिकेशंस की फीस पहले की तरह भर्ती के पहले और भर्ती के बाद होने वाले खर्च की सूची में शामिल होगी।


- ये कंसल्टेशन  फीस उस बीमारी के लिए होनी चाहिए जिसके लिए बीमित व्यक्ति भर्ती था या है।


- ये कंसल्टेशन  फीस उस निर्धारित समयावधि के लिए होनी चाहिए जो भर्ती के पहले और भर्ती के बाद के लिए होती है।


- अस्पताल में आनेवाला इलाज का अंतिम खर्च हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी के नियमों और शर्तों के तहत कवर होगा।


- हेल्थ इंश्योरेंस के क्लेम के लिए डॉक्टर के पर्चे और दूसरे जांचों से संबंधित टेस्ट की रिसीदों और रिपोर्टों, दवाई खरीद से संबंधित रसीद की भी जरुरत होती है। इस सुर्कलर के बाद उम्मीद है कि इंश्योरेंस कंपनियां डॉक्टर्स से टेलिकम्यूनिकेशन से संबंधित ई-पर्चे को भी वैध प्रमाण के तौर पर स्वीकार करेंगे।


 किन चीजों का रखें ध्यान  


इस संदर्भ में आप अपने इंश्योरेंस कंपनी के दिशा-निर्देशों का इंतजार करें लेकिन इस दौरान अगर आपको अपने डॉक्टर से टेलीकंसलटेशन की जरुरत पड़ती है तो इन चीजों का जरुर ध्यान रखें।


- टेली मेडिसीन के जरिए किसी डॉक्टर से कंसल्ट करने के लिए सिर्फ विश्वसनीय ऐप वेबसाइट और सेवाओं का उपयोग करें।


- इससे संबंधित सभी रसीदों और पर्चे  पर डॉक्टर का नाम और उसका रजिस्ट्रेशन नंबर जरुर होना चाहिए।


- सभी रसीदों को सिस्टम जनरेटेट होना चाहिए और इनपर एक खास रसीद नंबर भी होना चाहिए।


- कंसल्टेशन से संबंधित सभी रिकॉर्ड, हेल्थ केयर ऐप अथवा वेबसाइट पर संभाल कर रखें।


- इसके अलावा आप अपने डिवाइस पर इस तरह के कंसल्टेशन से संबंधित सभी रिकॉर्ड स्क्रीनशॉर्ट के रुप में सेव करके रख सकते हैं।


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