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4 अक्टूबर को क्रेडिट पॉलिसी, क्या 5वीं बार रेट कट करेगा रिजर्व बैंक

4 अक्टूबर को RBI की मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी बताएगी कि ब्याज दरें और घटेंगी कि नहीं।
अपडेटेड Oct 02, 2019 पर 12:58  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

4 अक्टूबर को RBI की मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी बताएगी कि ब्याज दरें और घटेंगी कि नहीं। मगर सीएनबीसी-आवाज़ आज आपके लिए आवाज़ MPC लेकर आए हैं, जहां मार्केट और इकोनॉमी पर नजर रखने वाले दिग्गज बताएंगे कि रेट कट की कितनी गुंजाइश है। इकोनॉमी में सुस्ती है। लेकिन एक के बाद एक रिफॉर्म और बूस्टर डोज बता रहे हैं कि सरकार एक्शन में है। तो क्या RBI कॉरपोरेट टैक्स में जोरदार कटौती को COMPLEMENT करने के लिए दरें घटाएगा। महंगाई का नियंत्रण में होना भी रेट कट का केस मजबूत करता है। लेकिन अब जबकि ग्रोथ को गति देने के लिए सरकार सारे घोड़े खोल रही है, तो क्या आने वाले दिनों में महंगाई आ सकती है। RBI की नजर इसपर भी होगी।


आवाज़ MPC में सीएनबीसी-आवाज़ के साथ Axis Bank के चीफ इकोनॉमिस्ट सौगत भट्टाचार्य, HDFC Bank के चीफ इकोनॉमिस्ट अभीक बरुआ और Bank of America के MD और कंट्री ट्रेजरर जयेश मेहता एवं मार्केट एक्सपर्ट अजय बग्गा और CRISIL के चीफ इकोनॉमिस्ट डी के जोशी जुड़ रहे हैं।


अब तक रेपो रेट में कटौती इस प्रकार रही है


समय                                 कटौती
AUG 2018                     6.25 प्रतिशत 
OCT 2018                      6.50 प्रतिशत
DEC 2018                      6.50 प्रतिशत
FEB 2019                       6.25 प्रतिशत
APRIL 2019                    6.00 प्रतिशत
JUNE 2019                     5.75 प्रतिशत
AUG 2019                      5.4 प्रतिशत


RBI की मॉनिटरी पॉलिसी पर अभीक बरुआ की राय


अभीक बरुआ का कहना है कि 25 बेसिस प्वाइंट कटौती की उम्मीद है। हालांकि उनका मानना है कि ब्याज दरें 0.5 प्रतिशत घटानी चाहिए। बरुआ के अनुसार रेट कट बेनिफेट ट्रांसमिशन कई चीजों पर निर्भर करता है। फायदा ग्राहकों तक पहुंचाने में कई चुनौतियां सामने आती हैं। ग्राहकों तक फायदा पहुंचने में वक्त लगेगा।


दूसरी तरफ कॉरपोरेट टैक्स कटौती जैसे बड़े रिफॉर्म हुए हैं। इसके बावजदू अभी भी NPA को लेकर दिक्कतें बनी हुई हैं। NPA की दिक्कतें दूर करने में वक्त लगेगा। CPI अनुमान में बदलाव की उम्मीद नहीं है। वहीं GDP ग्रोथ अनुमान घट सकता है। इस साल 6.5 प्रतिशत ग्रोथ की उम्मीद बनी हुई है।


RBI की मॉनिटरी पॉलिसी पर अजय बग्गा की राय


अजय बग्गा ने अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा कि दो बार और कटौती की उम्मीद है। अक्टूबर और दिसंबर पॉलिसी में रेट घटेंगे। इस बार 40 बेसिस प्वाइंट यानी 0.4 प्रतिशथ कटौती की उम्मीद है। सरकार की कर्ज न बढ़ाने की खबर अच्छी है। वित्तीय घाटा नहीं बढ़ना भी पॉजिटिव बात है।


अजय बग्गा का कहना है कि ग्राहकों तक रेट कट बेनिफिट पहुंचने में वक्त लगेगा। 2 तिमाही में पूरा ट्रांसमिशन होने की उम्मीद है। क्रेडिट की खपत कम है, डिमांड को लेकर चुनौतियां बनी हुई हैं। RBI की नजर NBFCs पर है। NBFCs का लिक्विडिटी बढ़ाने पर फोकस है। अच्छा मॉनसून इकोनॉमी के लिए पॉजिटिव है। आरबीआई प्राइवेट कैपेक्स बढ़ाने पर जोर दे रही है।


कटौती पर दिग्गजों का अनुमान


डी के जोशी - 0.25%
जयेश मेहता - 0.40%-0.50%
अजय बग्गा - 0.40%
अभीक बरुआ - 0.25%
सौगता भट्टाचार्य - 0.25%


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