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Covid-19- 2.0 ने निवेशकों को पढ़ाए कुछ फाइनेंशियल पाठ, हमेशा रखें याद फायदे में रहेंगे

इस साल जब सभी चीजें सामान्य होती नजर आ रही थी तभी कोरोना की दूसरी लहर ने दस्तक दे दी
अपडेटेड Sep 19, 2021 पर 13:15  |  स्रोत : Moneycontrol.com

इस साल जब सभी चीजें सामान्य होती नजर आ रही थी तभी कोरोना की दूसरी लहर ने दस्तक दे दी। हालांकि सरकार ने महामारी की इस दूसरी लहर से परेशान लोगों की सहायता के लिए भरपूर कोशिश की लेकिन इस महामारी के दूसरा झटका अपने पीछे हमारे सीखने के लिए बहुत कुछ छोड़कर गया है। यह सीख हमें ना सिर्फ अपनी वित्तीय स्थिति मजबूत करने के तौर तरीके बता रही है बल्कि यह भविष्य में हमें इस तरीके के किसी झटके से उभरने के गुण भी बता के गई है।


धैर्य का फल होता है मीठा


इस झटके से हमें पहली सीख यह मिली है कि धैर्य का फल मीठा होता है। कोरोना की पहली लहर के बाद बाजार को लगे एकाएक झटके का असर हमें इसकी दूसरी लहर में उतना नहीं देखना को मिला जितने का डर था। बाजार हमें लगातार हाई पर हाई लगाते नजर आ रहा है। यह हमें इस बात की सीख देता है कि इक्विटीज में लंबी अवधि का निवेश अक्सर फायदेमंद होता है।


एकाएक आनेवाली किसी बुरी स्थिति में पैनिक होकर बाजार से निकलना सही रणनीति नहीं है। मार्च 2020 में कोरोना के पहले झटके के दौरान बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली और अधिकांश निवेशक घबराहट में अपने नोशनल लॉस को रियल लॉस में बदलते हुए बाजार से निकल गए। जो लोग इस बुरे समय में भी बाजार में बने रहे वह आज बड़े फायदे में  हैं। इसलिए हमें इक्विटी में धैर्य के साथ लंबे समय के लिए निवेश करना चाहिए।


बहुत ज्यादा की उम्मीद ना करें


वैक्सीनेशन के आगे बढ़ने के साथ ही तमाम लोगों में जरुरत से ज्यादा उम्मीदें बढ़ गई हैं और उनको लग रहा है खतरा पूरी तरह से टल गया है लेकिन सच्चाई यह नहीं है। कोरोना अभी भी हमारे बीच है और हमें सभी सेफ्टी प्रोटोकॉल का पालन करना चाहिए। यही हाल इक्विटी मार्केट का भी है जिसनें हमें जोरदार रिटर्न दिया है लेकिन अब इसमें किसी नियर टर्म करेक्शन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता ।


बाजार काफी गरम हो चुका है अब इसको थोड़ा ठंडा होने की जरुरत भी है। ऐसे में अब आपको अपने पोर्टफोलियो से बहुत ज्यादा रिटर्न की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। निवेशकों को सलाह है कि वे बाजार में होने वाले भारी उतार-चढ़ाव से बचने और रुपी कॉस्ट एवरेजिंग का फायदा उठाने के लिए एसआईपी प्लान में बने रहें।


मार्केट टिप्स पर ना करें भरोसा


कोरोना महामारी के दौरान सोशल मीडिया पर वायरस से निपटने के तमाम तरीके तैरते दिखे। इनमें से तमाम तरीके ऐसे हैं जिनको अपनाने से आपकी मुसीबत और बढ़ सकती है। यह सीख बाजार पर भी लागू होती है। बाजार में बूम की स्थिति में हमें तमाम मुनाफे के दावे और टिप्स की बौछार देखने को मिलती है निवेशकों को सलाह है कि वह इस तरह की सलाह से दूर रहें । बड़ा सा बड़ा ज्ञानी इन्वेस्टर भी बाजार के चाल की भविष्यवाणी नहीं कर सकता इसलिए बाजार में क्वालिटी शेयरों को चुनकर उनमें लंबे समय तक बने रहने की टाईम टेस्टड रणनीति पर कायम रहें। बाजार को टाइम करने की कोशिश ना करें। इस बात को ध्यान में रखें कि आप जीतने लंबे समय तक बाजार में बने रहते हैं आपको फायदा होने के चांस भी उतने ही बने रहते है। 


अब कोरोना की दूसरी लहर का प्रभाव खत्म होता नजरआ रहा है। इकोनॉमी भी ट्रैक पर आती नजर आ रही है। ऐसे में उम्मीद है कि बाजार आने वाले दिनों में नई ऊंचाईयां हासिल करते दिखेगा । ऐसे में विवेक और अनुशासन पूर्ण निवेश आपको वित्तीय समृद्धि के पथ पर ले जाने वाला मूल मंत्र होगा।


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