Moneycontrol » समाचार » बाज़ार खबरें

दिल्ली वालों के प्रदूषण भरे दुर्दिन शुरू - सांस फूले, आंख जले तो क्या करें, कहां जाएं

15 अक्टूबर से दिल्ली में GRAP यानी ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान लागू हो गया है।
अपडेटेड Oct 17, 2019 पर 12:37  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

दिल्ली में जेनरेटर चलाना बंद, पार्किंग फीस बढ़ी और धूल या धुआं पैदा करने वाले सभी तरह के कामकाज पर कड़ाई। दरअसल, दिल्ली का सालाना दर्द बन चुका प्रदूषण दस्तक दे चुका है और इसी के चलते GRAP यानि ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान लागू हो गया है। जैसे जैसे हवा में जहर बढ़ेगा यानि एयर क्वालिटी इंडेक्स बढ़ेगा सख्ती बढ़ती जाएगी। मगर ये सख्ती तो सरकार की तरफ से होगी। आम लोगों को अपनी तरफ से एहतियात बरतनी होगी। आज कंज्यूमर अड्डा में प्रदूषण पर तो हल्ला बोलेंगे ही, लेकिन साथ-साथ ये भी जानेंगे कि खराब दिनों में हमें क्या सावधानी बरतनी चाहिए ताकि हमारी सेहत पर प्रदूषण का असर कम से कम हो।



दिल्ली पर प्रदूषण अटैक


15 अक्टूबर से दिल्ली में GRAP यानी ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान लागू हो गया है। इसके लागू होते ही दिल्ली और आसपास के इलाकों में जेनरेटर पर बैन लग गया है। पार्किंग फीस बढ़ा दी गई है। प्रदूषण पर अलर्ट जारी किए जा रहे हैं।


AQI यानी एयर क्वालिटी इंडेक्स के मानक


1- 0-50 - अच्छा


2- 51-100 - संतोषजनक


3- - 201-300 - खराब


4 - 301-400 - बहुत खराब


5- 401 या ज्यादा - गंभीर


प्रदूषण से होने वाली बीमारियां


1- दमा, खांसी, आंखों की रोशनी घटना


2- सिर, छाती में दर्द, फेफड़ों में संक्रमण


3- लंबे समय में घातक बीमारियां संभव


प्रदूषण के दिनों में रखें ख्याल


1- सुबह शाम बाहर जाने से बचें


2- बाहर जाएं को N95 मास्क पहनें


3- सिगरेट पीने वालों को ज्यादा खतरा


4- जहां ज्यादा प्रदूषण वहां ना जाएं


5- प्रदूषण फैलाने वाला काम ना करें


4- कार पूल, पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाएं


5- तकलीफ हो तो डॉक्टर के पास जाएं


6- बच्चों, बूढ़ों, गर्भवती का खास ख्याल रखें


7- सांस, दिल की बीमारी है तो सावधान रहें


GRAP का सहारा


48 घंटे स्थिति खराब रहने पर GRAP यानी ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान लागू होता है। इसमें जेनरेटर जैसे प्रदूषक पर रोक लगाई जाती है। GRAP में पार्किंग शुल्क बढ़ जाता है और पब्लिक ट्रांसपोर्ट बढ़ाया जाता है। इसके लागू होने पर स्कूलों को बंद कराया जा सकता है साथ ही ऑड-ईवन भी लागू किया जा सकता है।


चीन से सबक लेने की जरूरत


चीन ने प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्रियों पर लगाम लगाई है। वहां प्रदूषण के मामलों में जुर्माना और गिरफ्तारी का प्रावधान भी है। चीन में कोयले से चलने वाले 100 पावर प्लांट बंद कर दिए गए हैं। स्टील उत्पादन 5 करोड़ टन घटा दिया गया है। चीन में नए प्लांट में पर्यावरण कानून सख्ती से लागू किए जाते हैं। चीन सरकार वैकल्पिक, अक्षय ऊर्जा पर बड़ा खर्च कर रही है। बीजिंग में 1 से ज्यादा कार लेने पर रोक है। पूरे देश में यूरो 5 मानक वाला पेट्रोलियम अपनाया गया है। चीन के 900 शहरों में पर्यावरण मॉनिटरिंग स्टेशन बनाए गए हैं।


सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें।