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भारतीय बचा ज्यादा रहें है, खर्च में कर रहे किफायत: SBI रिसर्च

लॉकडाउन 5 में भी खपत में कमजोरी देखने को मिल सकती है।
अपडेटेड Jun 19, 2020 पर 12:07  |  स्रोत : Moneycontrol.com

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की एक इकोनॉमिक रिसर्च रिपोर्ट में कहा गया है कि देश भर में लागू लॉकडाउन के दौरान भारतीय बहुत ज्यादा किफायती हो गए हैं। पूरे देश में लागू लॉकडाउन के चार चरणों के बाद यह देखने को मिला है कि बैंकों में पैसे जमा करने की प्रवृत्ति में जोरदार बढ़त हुई है जिससे यह संकेत मिलता है कि लोग खपत पर बहुत सोच-समझकर खर्च कर रहे हैं।


इस रिपोर्ट में कहा गया है कि पूरे लॉकडाउन 1 से 4 के दौराना भारतीयों ने बचत और अपने पास नकदी बनाए रखने को वरीयता दी। 25 मार्च से 14 अप्रैल तक लागू लॉकडाउन 1 में भारतीयों ने बैकों में करीब 5 ट्रिलियन रुपये जमा किए जबकि 1.76 ट्रिलियन के टर्म डिपॉजिट देखने को मिलें। इस दौरान करेंट अकाउंट डिपॉजिट में 62,757 करोड़ रुपये की गिरावट देखने को मिली। लॉकडाउन 2  के दौरान कुल बैंक डिपॉजिट ग्रोथ में गिरावट देखने को मिली।


सौम्य कांति घोष के नेतृत्व में बनाई गई एसबीआई की इस रिसर्च रिपोर्ट में कहा गया है कि लॉकडाउन 2 के दौरान बैंकों में होने वाले डिपॉजिट में तो गिरावट देखने को मिली लेकिन टर्म डिपॉजिट में काफी मजबूती देखने को मिली है।  बैंकों में आनेवाली जमाओं में सरकार द्वारा इकोनॉमी और आम लोगों को राहत पहुंचाने के लिए बढ़ाए गए खर्च का भी काफी योगदान है।


4 मई से 17 मई तक लागू लॉकडाउन 3 में जमाओं में गिरावट का ट्रेंड रहा। इस अवधि में सेविंग और करंट डिपॉजिट में काफी बढ़ी गिरावट देखने को मिली। हालांकि इस दौरान  22,845 करोड़ रुपये के टर्म डिपॉजिट हुए। इस तरह के डिपॉजिट ग्रोथ के नेगेटिव हो जाने पर लॉकडाउन 3 के दौरान स्थितियां मुश्किल होने का संकेत है। मुमकिन है कि लोगों ने अपने खर्च के लिए अपनी प्रारंभिक बचत खत्म कर दी हो। इस दौरान कंज्यूमर खर्च में किसी तरह की बढ़त नहीं देखने को मिली है।


लॉकडाउन के तीसरे चरण में जमाओं में गिरावट के बाद 18 मई से 31 मई तक लागू लॉकडाउन 4 में जमाओं में बढ़त देखने को मिली। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि लॉकडाउन 4 में एक बार फिर बैंक जमाओं में बढ़त देखने को मिली है जिससे इस बात के संकेत मिलते है कि कंज्यूमर अपने खर्च को लेकर असमंजस की स्थिति में है और अपनी ज्यादा से ज्यादा बचत बैंक जमाओं में डालना चाहते है।


इस रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि यह भी संभव है कि बहुत से परिवारों का उपभोग स्तर बहुत कम हो गया हो क्योंकि सोशल डिस्टेसिंग के चलते बहुत सारी चीजें बाजार में उपलब्ध नहीं है। ग्रोसरी, मेडिसिन और दूसरे जीवनावश्क वस्तुओं के अलावा तमाम चीजों की ब्रिक्री और उपभोग में काफी कमी आई है। होटल, रेस्टॉरेंट, ट्रैवलिंग, अम्यूजमेंट पार्क जैसे कारोबार ठप्प पड़ गए है।


इस रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि लॉकडाउन 5 में भी कंज्यूमर सेविंग में बढ़त देखने को मिलेगी और बैंक जमाएं बढ़ती दिखेगी।  


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