Moneycontrol » समाचार » बाज़ार खबरें

राहत पैकेज-4: केंद्र प्रशासित प्रदेशों में बिजली वितरण कंपनियों का होगा प्राइवेटाइजेशन

वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेशों में बिजली वितरण कंपनियों का प्राइवेटाइजेशन किया जाएगा।
अपडेटेड May 17, 2020 पर 21:36  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन आज फिरपीएम मोदी द्वारा घोषित 20 लाख करोड़ रुपए के पैकेज की चौथी किस्त के बारे में विस्तृत विवरण दिया।  वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेशों में बिजली वितरण कंपनियों का प्राइवेटाइजेशन किया जाएगा। इसके अलावा उपभोक्ताओं और कंपनियों दोनों को हितों को ध्यान में रखते हुए टैरिफ पॉलिसी में सुधार किया जाएगे। कंपनियों को  उपभोक्ताओं को पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराना होगा। सरकार बिजली उत्पादन बढ़ाने पर फोकस करेगी। ऐसी नीतियां लाई जाएंगी जिससे बिजली उत्पादन करने वाली कंपनियों में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। बिजली सब्सिडी डीबीटी के माध्यम से दी जाएगी और स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। वित्त मंत्री ने उम्मीद जताई कि इन सुधारों को राज्य सरकारें भी लागू करेंगी।


वित्त मंत्री ने ये भी कहा कि सोशल इंफ्रा के लिए 8100 करोड़ रुपये का प्रावधान होगा। वाइबिलिटी गैप फंडिंग के लिए 8100 करोड़ रुपये का प्रवधान होगा। सोशल इंफ्रा के लिए 30 फीसदी वाइबिलिटी गैप फंडिंग होगी। वाइबिलिटी गैप फंड से अस्पताल, स्कूलों को लाभ होगा। सामाजिक बुनियादी ढांजे में निजी  निवेश को बढ़ाने के लिए नियमों में बदलाव किए जाएंगे। वाइबिलिटी गैप फंडिंग में 30 फीसदी केंद्र और 30 फीसदी राज्य सरकारें देंगी। इससे इस क्षेत्र को बल मिलेगा। लेकिन बाकी सेक्टर्स में 20-20 फीसदी ही रहेगा। इसके लिए 8100 करोड़ रुपए का प्रवाधान किया गया है।


एफएम ने ये भी कहा कि एटॉमिक एनर्जी पर फोकस  करते हुए रेडिएशन टेक्नोलॉजी सेंटर का गठन किया जाएगा। PPP मॉडल पर रेडिएशन टेक्नोलॉजी सेंटर का गठन होगा। इसके लिए रिसर्च रिएक्टर PPP मॉडल पर  बनाए जाएंगें। मेडिकल आइसोटोप का उत्पादन होगा। बता दें कि आइसोटोप का कैंसर इलाज में प्रयोग होता है। PPP से फूड प्रिसर्वेशन के लिए रेडिएशन टेक्नोलॉजी का विकास किया जाएगा।


सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें।