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BPCL समेत 5 कंपनियों में Disinvestment को मंजूरी, टेलीकॉम, इंफ्रा और कंस्ट्रक्शन कंपनियों को बूस्टर डोज

भारी मुश्किल में फंसे कंस्ट्रक्शन और टेलीकॉम सेक्टर में जान डालने के कदम भी उठाए हैं।
अपडेटेड Nov 22, 2019 पर 09:47  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

इकोनॉमी में मजबूती के लिए सरकार ने बड़े कदम उठाए है। एक तरफ जहां मोदी सरकार ने कल BPCL समेत पांच कंपनियों में DISINVESTMENT को मंजूरी दी है तो वहीं भारी मुश्किल में फंसे कंस्ट्रक्शन और टेलीकॉम सेक्टर में जान डालने के कदम भी उठाए हैं।


5 कंपनियों में DISINVESTMENT


कल कैबिनेट ने कई अहम फैसले लिए जिसके तहत BPCL में स्ट्रैटेजिक DISINVESTMENT को मंजूरी दे दी गई। BPCL समेत 5 और कंपनियों में DISINVESTMENT को मंजूरी मिली है। कल की कैबिनेट मीट में कुछ PSUs में हिस्सा 51 फीसदी से घटाने को मंजूरी मिली है। लेकिन नुमालीगढ़ रिफाइनरी का DISINVESTMENT नहीं होगा। SCI, CONCOR में भी DISINVESTMENT को मंजूरी मिली है। कुल 7 CPSEs में DISINVESTMENT को मंजूरी मिली है जिसके तहत CONCOR में 30.8 फीसदी और SCI में 53.75 फीसदी हिस्सा बिक्री को मंजूरी दी गई है। बता दें कि खरीदार को SCI का मैनेजमेंट कंट्रोल भी मिलेगा।


इंफ्रा, कंस्ट्रक्शन कंपनियों को बूस्टर डोज


सरकार ने कंस्ट्रक्शन और इंफ्रा सेक्टर को भी बूस्टर डोज दिया है। जिसके तहत सरकार अटके हुए प्रोजेक्ट का 75 फीसदी वापस करेगी। इंफ्रा टोल सिक्योरिटाइजन के जरिए NHAI बड़ी रकम जुटाएगी और TOLL OPERATE TRANSFER नियमों में ढील दी जाएगी।


कंस्ट्रक्शन सेक्टर को राहत


सेक्टर के Revival के लिए CCEA के बड़े फैसलों की बात करें तो अब TOT के आधार पर चल रहे हाईवे 1 साल बाद ही मॉनेटाइज होंगे। पहले 2 साल बाद मॉनेटाइज करने की शर्त थी। कल के फैसले के बाद इस सेक्टर में निजी कंपनियों के लिए निवेश का रास्ता आसान हुआ है। टोल कलेक्शन पीरियड 30 से घटाकर 15-30 साल किया गया है। नए नियमों के तहत अब कंसेशनर की वैल्यू और पीरियड NHAI का बोर्ड तय करेगा। इसके अलावा अब टोल कलेक्शन रसीद गिरवी रखकर इंफ्रा कंपनियां बैंक से कर्ज ले सकेंगी और सरकार Arbitral amount का 75 फीसदी तुरंत कॉन्ट्रैक्टर को दे सकेगी।


टेलीकॉम कंपनियों के लिए बड़ी राहत


कल की कैबिनेट मीट में टेलीकॉम कंपनियों के लिए भी बड़ी राहत की खबर आई। कैबिनेट ने टेलीकॉम कंपनियों के रिवाइवल के प्रस्ताव को मंजूर कर लिया है। टेलीकॉम कंपनियों को तुरंत AGR की रकम चुकाने से राहत मिली है और स्पेक्ट्रम पेमेंट के लिए 2 साल की छूट मिली है। FY21, 22 के लिए स्पेक्ट्रम नीलामी पेमेंट टाल दी गई है। हालांकि टेलीकॉम कंपनियां सरकार को बैंक गारंटी देंगी।



दिल्लीवालों को तोहफा


इस सबके अलावा दिल्ली की अवैध कॉलोनियों नियमित करने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। PM कॉलोनियों के प्रतिनिधियों से मिले थे। इससे दिल्ली की 1728 अवैध कॉलोनियों को राहत मिली है।


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