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Parle बिस्कुट की बिक्री घटने से 10,000 लोगों की हो सकती है छंटनी

पारले कंपनी का कहना है कि अगर सरकार ने GST में कटौती नहीं की, तो कंपनी को हजारों लोगों को नौकरी से निकालना पड़ सकता है।
अपडेटेड Aug 21, 2019 पर 12:43  |  स्रोत : Moneycontrol.com

अर्थव्यवस्था में छाई सुस्ती अब बिस्कुट कंपनियों तक पहुंच गई है। देश की सबसे बड़ी बिस्कुट बनाने वाली कंपनी पारले ने अपने एक बयान में कहा है कि बिस्कुट की खपत कम होने के कारण 8,000-10,000 लोगों की छंटनी करनी पड़ सकती है।



पारले प्रोडक्ट्स के कैटेगरी हेड मयंक शाह ने कहा कि, हमने सरकार से 100 रुपये प्रति किलो या इससे कम कीमत वाले बिस्कुट पर GST में कटौती किए जाने की मांग की है। जो कि आमतौर पर 5 रुपये और उससे कम कीमत के पैक पर बेचे जाते हैं। लेकिन अगर सरकार हमें प्रोत्साहन नहीं देती तो हमारे पास 8,000-10,000 लोगों को नौकरी से निकालने के सिवाय कोई चारा नहीं बचता।


पारले की बिक्री सालाना 10,000 करोड़ रुपये से अधिक है। कंपनी पारले-जी, Monaco और Marie बिस्कुट बनाती है। कंपनी के पास एक लाख कर्मचारी हैं। कंपनी 10 प्लांट ऑपरेट(संचालन) करती है। कंपनी के पास 125 थर्ड पार्टी मैन्युफैक्चरिंग Facilities हैं। कंपनी की बिस्कुट की बिक्री आधे से ज्यादा रूरल मार्केट से होती है।


मयंक शाह का कहना है कि पिछले टैक्स व्यवस्था के हिसाब से 100 रुपये प्रति बिस्कुट पर 12 फीसदी टैक्स लगाया जाता था। जिससे कंपनियों को उम्मीद थी कि प्रीमियम बिस्कुट के GST 12 फीसदी और कीमत वाले बिस्कुट पर 5 फीसदी GST लगेगा। लेकिन सरकार ने दो साल पहले सभी बिस्कुट पर 18 फीसदी GST लागू कर दी । जिससे कीमत बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ा। ऐसे में बिस्कुट की बिक्री में गिरावट आ गई है। शाह ने आगे कहा कि 5 फीसदी दाम बढ़ाने पर बिक्री में भारी गिरावट आई है।  


 
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