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आवाज़ आंत्रप्रेन्योरः ड्रिंक मार्केट में स्टार्टअप के बढ़ते कदम

प्रकाशित Mon, 03, 2018 पर 11:50  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

बेवरेज के मार्केट में नए नए ब्रांड्स की एक के बाद एक एंट्री हो रही हैं, और क्यों ना हो? आज फक्शनल बेवरेज और एनर्जी ड्रिंक्स का मार्केट साइज 300 करोड़ रुपये हैं जो 2025 तक 1250 करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है यानी कम से कम 3.5 गुना की ग्रोथ। ऐसे मार्केट में बड़ोदा के हरिश मोहन ने 2015 में शुरू हुए अपने वेंचर SipWise में भी नेचरल ड्रींक्स की रेंज तैयार की है।


एक जमाना था जब चाय आम लोगों के लिए चैन का पेय था, कॉफी सिर्फ अमीर लोग शान में पीया करते थे और यंग जनरेशन कोला ड्रींक से टश्न मारती थी, लेकिन आज बेवरेज के बाजार में डिंक्स की भरमार है। अब इस पूरे मार्केट में कई कैटगरीज तैयार हुई है, नॉन अल्कोहोलिक कैटगरी की बात करें तो इसमें चाय कॉफी सॉफ्ट डिंक्स, ज्यूस, कोल्ड प्रेस ज्यूस, हेल्दी डिंक्स ,जैसी लंबी चौढ़ी लिस्ट है। यहां कदम रखने वाला हर नया प्लेयर अपनी अलग कैटेगरी क्रिएट करते हुए लंबी रेस का घोडा बनने की कोशिश में जुटा है , फिर चाहे बड़े एफएमसीजी प्लेयर हो या छोटे स्टार्टअप्स। 


आजकल आपने स्टार बाजार जैसी रिटेल स्टोर्स में वाट इफ नाम के हब कूलर देखे होंगे, कुछ नया ट्राय करने वाले ग्राहकों ने इसे टेस्ट भी किया होगा, और हेल्थ के नए ऑप्शन तलाशने वालों ने पसंद भी किया। वाट इफ ब्रांड के ये हब कूलर और ग्रीन ट्री कूलर बडोदा के स्टार्टअप स्पीवाइस बेवरेज ने बनाए है और इसे बनाने में खासी रिसर्च और दुर्लभ सामग्रीयों का इस्तेमाल हुआ है।


इसके अलावा कंपनी ने 1947 नाम का एनर्जी ड्रींक भी बाजार में उतारा है, जो पहला हेल्दी एनर्जी ड्रींक है। इसमें कैफीन की मात्रा काफी कम है और ये चाय जैसे नेचुरल सोर्स से लिया जाता है। किसी स्टार्टअप के लिए इस तरह की नई प्रोडक्ट कैटेगरी बनाना और मार्केट करना आसान काम नही है


अपने टार्गेट कंजुमर तक पहुंचना, नए ग्राहकों को आकर्षित करते रहना, उन्हे अपनी रेगुलर कंजुमर लिस्ट में दर्ज करना इन चैलेंजेस से सभी कंपनियों को गुजरना पड़ता है। इसे के लिए दमदार प्रोडक्ट होना चाहिए जो कंपनी बना चुकी है साथ ही आकर्षक पैकेजिंग और किफायती दाम के दम पर कंपनी ने कंजुमर के चैलेंज को पुरा किया।


कंपनी इस प्रो़डक्ट पोर्टफोलियो को बढ़ाने का प्लान रखती है, इसके लिए स्पीवाइस की चेन्नई और त्रिवेंद्रम के लैब में प्लांट एक्सटैक्ट और नैचुरल इंग्रीडीएंट से फंशनल ब्रेवरेजेस बनाने पर रिसर्च वर्क जारी है।


फाउंडर हरिश मोहन अब तक इस स्टार्टअप में 4 करोड़ की लागत कर चुके है, आने वाले समय में टॉप टियर 1सिटीज और गल्फ कंट्रीज में पहुंच बढ़ाने की तैयारी है। जिसके लिए संस्थागत फंड की जरुरत होगी। भारतीय मार्केट में अगले 3 साल में 3-5 करोड़ और 5 साल में 50 के रेवेन्यू टार्गेट्स के लिए कंपनी अपनी स्ट्रैटेजीज बना चुकी है। स्पीवाइस बेवरेज ने एक ऐसी मेक इन इंडिया प्रोडेक्ट कैटगरी बनाई है जो अपने वर्ल्ड क्लास है और बेवरेज इंडस्ट्री का नंबर 1 ब्रांड बनने की कोशिश में जुटी है।