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Essar Steel Case: 42000 करोड़ की रकम कमेटी के आदेश के मुताबिक बटेंगी

Essar Steel केस में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया है। सुप्रीम कोर्ट ने NCLAT के फैसले को खारिज कर दिया है।
अपडेटेड Nov 17, 2019 पर 14:49  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

अपडेटः 12.00 pm


एस्सार स्टील मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बैकों को बड़ी राहत दी है। सुप्रीम कोर्ट ने NCLAT के आदेश को खारिज करते हुए कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स के फैसले को सही ठहराया है। अब आर्सलर मित्तल से मिलने वाली 42,000 करोड़ रुपये की रकम कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स के आदेश के मुताबिक ही मिलेगी


सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स का फैसला मान्य होगा। 42,000 करोड़ की रकम कमेटी के आदेश के मुताबिक बटेंगी। NCLAT ने रकम को बराबर -बराबर बांटने के निर्देश दिए थे जबकि NCLAT वित्तीय मामलों में फैसला नही ले सकती है। कोर्ट का कहना है कि सुरक्षित और असुरक्षित क्रेडिटर्स में तुलना नहीं की जा सकती। इसलिए फंड का बंटवारा कमेटी ही करेगी। यदि IBC के तहत 330 दिन में कार्यवाई पूरी नहीं होगी तो NCLAT जरुरत के मुताबिक समयसीमा बढ़ा सकता है।



SC के फैसले के मायने


सुप्रीम कोर्ट के फैसले से ESSAR STEEL के टेकओवर का रास्ता साफ हो गया है। इसके बाद ESSAR STEEL आर्सेलर मित्तल की होगी। यह फैसला बैंकों के पक्ष में आया है। इस फैसले से बैंकों की 90 प्रतिशत तक कर्ज वसूली होगी। इसके अलावा कई लंबित मामलों पर जल्द फैसला आएगा। वहीं NCLAT जरुरत के मुताबिक समयसीमा बढ़ा सकता है हालांकि समयसीमा बढ़ाने के फैसले से जानकार निराश हैं।


सुप्रीम कोर्ट के फैसले की सरकारी बैंकों ने सराहना की है। स्टेट बैंक ने फैसले के बाद सबसे पहले CNBC-आवाज़ से एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा फैसले से लेनदारों की स्थिति मजबूत होगी। Essar Steel मामले में 100% प्रोविजनिंग की है। रकम मिलने के बाद इसका जल्द राइटबैक होगा।


Syndicate Bank के MD & CEO Mrutyunjay Mahapatra का कहना है कि SC के फैसले से NPA कम करने में मदद मिलेगी। फैसले के बाद फंसे लोन की रिकवरी में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि Syndicate Bank के 99 लोन फंसे हुए हैं। हालांकि क्रेडिट कल्चर में सुधार करने की जरुरत है। आने वाले दिनों में नेट स्लीपेज शून्य करने का लक्ष्य है।  


10.50 am


Essar Steel केस में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया है। सुप्रीम कोर्ट ने NCLAT के फैसले को खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि CoC (Committee of Creditors) के फैसले में NCLT दखल नहीं दे सकता। कोर्ट का कहना है कि CoC फैसले में सभी के हितों का ध्यान रखें।


सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद SBI को 10,239 करोड़ रुपये मिलेंगे जबकि IDBI Bank को 4712 करोड़ रुपये मिलेंगे। वहीं Canara Bank को 3639 करोड़ रुपये, PNB को 2860 करोड़ रुपये, ICICI BANK को 2347 करोड़ रुपये, Union BANK को 2085 करोड़ रुपये और BANK OF INDIA को 1905 करोड़ रुपये मिलेंगे।


इस खबर के बाद बैंकिंग शेयरों में अच्छी बढ़त देखने को मिल रही है। निफ्टी का पीएसयू बैंक इंडेक्स 3.46% का ऊछाल दिखा रहा है।


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