Moneycontrol » समाचार » बाज़ार खबरें

Exclusive:COVID-19 की दवा रेमडेसिविर की कालाबाजारी, देने पड़ रहे 6 गुना से ज्यादा पैसे

ब्लैक मार्केट में रेमडेसिविर का 100 mg vial 30,000 रुपये में मिल रहा है.
अपडेटेड Jul 07, 2020 पर 21:16  |  स्रोत : Moneycontrol.com

पिछले हफ्ते 38 साल के राजीव* COVID-19 पाए गए। 4 जुलाई को इनको सांस लेने में तकलीफ होने लगी। इसके बाद राजीव के परिवार ने उनको नवी मुंबई के एक जाने माने हॉस्पिटल में भर्ती कर दिया। राजीव को तत्काल ऑक्सीजन सपोर्ट पर रख दिया गया। डॉक्टरों ने उनको एंटीवायरल दवा  रेमडेसिविर रिकमेंड किया। उनको ये दवा 5 दिन लेनी थी। पहले दिन 200 mg IV (intravenous) लेनी थी। उसके बाद 4 दिन लगातार 100 mg IV लेनी थी। हॉस्पिटल ने कहा कि उनको इस दवा का इंतजाम बाहर से करना होगा क्योंकि हॉस्पिटल के पास इस दवा की सप्लाई खत्म हो चुकी है।


अब यहीं से इस परिवार की परेशानी शुरू होती है। राजीव के परिवार के लोगों ने इस दवा की तलाश में दूसरे अस्पतालों और डिस्ट्रीब्यूटर्स के दरवाजे खटखटाए लेकिन उनको हर जगह से यही जबाव मिला कि स्टॉक नहीं है या आपको 4-5 दिन इंतजार करना होगा।


ब्लैक मार्केट में रेमडेसिविर का 100 mg vial 30,000 रुपये में मिल रहा है जो इसके Hetero के जेनरिक वर्जन की आधिकारिक कीमत से लगभग 6 गुना ज्यादा है। तमाम कोशिशों के बाद राजीव के परिवार को रेमडेसिविर की 2 खुराक पाने में सफलता मिली जो सिर्फ अगले दो दिनों के लिए पर्याप्त थी। लेकिन सभी लोग राजीव जैसे भाग्यशाली नहीं होते। न ही सभी के पास इतने प्रभावी संपर्क सूत्र ही होते हैं जितने राजीव के परिवार के थे। दिल्ली में भी Remdesivir की कालाबाजारी की खबरें हैं।


हाल ही में Indian Express में खबर प्रकाशित हुई थी जिसके मुताबिक सिर्फ सेवेन हिल्स हॉस्पिटल को छोड़कर कोविड 19 का इलाज करने वाले BMC के दूसरे अस्पतालों जैसे  KEM हॉस्पिटल, सायन पॉस्पिटल और नायर हॉस्पिटल ने अभी इस इंवेस्टीगेशनल एंटी वायरल दवा का इस्तेमाल ही नहीं शुरू किया गया है। लेकिन  BMC के अस्पतालों को जल्द ही ये दवा मिल जाएगी। BMC ने इसकी सप्लाई के लिए Hetero को ऑर्डर दे दिए हैं।


Max Hospitals ने मनीकंट्रोल से कहा है कि उनके पास अस्पाताल में भर्ती मरीजों के लिए  Remdesivir का पर्याप्त स्टॉक है। इस मामले में Fortis को भेजे गए ई-मेल का अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है।  बता दें कि निजी अस्पतालों में Max और Fortis के पास दिल्ली और मुंबई में सबसे ज्यादा COVID-19 बेड हैं।


इस मामले में अच्छी जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने गोपनीयता बनाए रखने की शर्त पर कहा कि हालांकि इस दवा की सप्लाई में कमी तो है लेकिन जो सप्लाई आ रही उसका भी कुछ हिस्सा ब्लैक मार्केट में चला जा रहा है जहां इसकी भारी कीमत वसूली जा रही है।


देश में कोरोना के कुल मरीजों की संख्या 7 लाख के करीब पहुंच गई है।  बीते 24 घंटे में 24,000 से ज्यादा नए मरीज आए हैं। कोरोना से देश में अब तक 19,693 लोगों की मौत हो चुकी है। करीब साढ़े 4 लाख कोरोना मरीज स्वस्थ हुए हैं। ठीक होने वाले मरीजों की दर 60.85 फीसदी पहुंच गई है। कोरोना संक्रमण के मामले में भारत दुनिया में तीसरे नंबर पर पहुंच गया है। US, ब्राजील के बाद भारत में सबसे ज्यादा मरीज हैं।


देश में कोरोना के कुल मरीजों  में से 2.5 एक्टिव केस हैं। इनमें से भी 4 मरीज बिना लक्षण वाले हैं। बाकी 20 फीसदी को ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत है। ऐसे मरीजों के लिए ही भारतीय दवा नियंत्रक द्वारा  Remdesivir की सिफारिश की गई है।


DCGI से सिप्ला और Hetero के रेमडेसिविर के जनेरिक वर्जन को मंजूरी मिले 2 हफ्ते हो चुके है लेकिन अभी भी मरीजों को इस दवा के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। हालांकि कंपनियां इसकी आपूर्ति सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है। सिप्ला की दवा अभी बाजार में नहीं पहुंची है। वहीं Hetero की 20 हजार vials के शुरुआती सप्लाई लगभग खत्म हो चुकी है।


Hetero को बीएमसी से 15,000 vials और तमिलनाडु सरकार से 42,000 vials का ऑर्डर मिला है। कंपनी की तरफ से कहा गया है कि वह मुंबई और दिल्ली में प्राइवेट अस्पतालों को सीधे आपूर्ति कर रही है।


सिप्ला के प्रवक्ता ने मनीकंट्रोल से हुई बातचीत में कहा कि उसकी रेमडेसिविर की जेनरिक वर्जन ऑनट्रैक है और यह अगले 2-3 दिनों में लॉन्च हो जायेगी। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक सिप्ला के भागीदार के पास हरे महीने 50,000 से 80,000 vials के उत्पादन और सप्लाई की क्षमता है।


सिप्ला ने इस दवा की कीमत 100 mg vial के लिए 4,000 रुपये तय कर रखी है जबकि Hetero की कीमत 5400 रुपये प्रति vial है। बीएमसी और दूसरे राज्यों से मिले बल्क ऑर्डर के तहत  Hetero इस दवा की आपूर्ति 4,144 रुपये प्रति vial के दर से कर रही है।


Hetero के प्रवक्ता ने मनीकंट्रोल से हुई बातचीत में कहा है कि अस्पतालों की  तरफ से इस दवा की भारी मांग आ रही है जिसको देखते हुए कंपनी प्रोडक्शन बढ़ाने पर फोकस कर रही है। 7 जुलाई से बाजार में कंपनी की नई सप्लाई आ जाएगी। रेमडेसिविर की उत्पादन प्रक्रिया काफी जटिल है। यह इंजेक्शन के जरिए दी जाने वाली दवा है। यहीं वजह है कि इसके उत्पादन और सप्लाई में थोड़ा वक्त लग रहा है। Hetero ने मिड जुलाई तक इस दवा के 1 लाख vial बनाने का लक्ष्य रखा है।


इस बीच DCGI ने Mylan के रेमडेसिविर को भी मंजूरी दे दी है। अमेरिकी कंपनी Gilead ने सिप्ला , Hetero के अलावा जूबिलेंट लाइफ साइंस, डॉ रेड्डीज, जाइडस कैडिला और सिंजीन के साथ भी भारत सहित दुनिया के 126 देशों में इस दवा के उत्पादन और बिक्री के लिए लाइसेसिंग करार किया है।


(*पहचान छुपाने के लिए नाम में बदलाव किया गया है.)




सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें।