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महंगी विदेशी दवाईयां हो सकती हैं सस्ती

प्रकाशित Fri, 12, 2018 पर 08:56  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

कैंसर, डायबिटीज और हार्ट अटैक जैसी बीमारियों से जुड़ी महंगी विदेशी दवाईयां सस्ती हो सकती हैं। सरकार विदेशी दवाओं पर इंपोर्ट लाइसेंस शुल्क और रजिस्ट्रेशन शुल्क 50 फीसदी तक बढ़ा सकती है। शुल्क बढ़ने से विदेशी दवा कंपनियां घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देंगी, जिससे दवाईयां सस्ती मिल सकेंगी। अगर ऐसा होता है तो कैंसर, डायबिटीज, हार्ट अटैक की दवाएं सस्ती होंगी।


बता दें कि देश में हर साल 10000 करोड़ रुपये की दवाएं आयात होती हैं। भारत अपनी कुल जरूरत की 9 फीसदी दवाएं आयात करता है। इंपोर्ट लाइसेंस शुल्क और रजिस्ट्रेशन शुल्क बढ़ने से विदेशी मैन्युफैकचरर्स के लिए मुश्किल हो सकती है। इस फैसले से पहले सरकार दवा कंपनियों से सुझाव लेगी।


इस फैसले के पीछे की वजह महंगी विदेशी दवाओं को सस्ता करना, पेटेंटेड दवाओं के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना, देश में खुद दवा बनाने पर जोर, दूसरे देशों पर आत्मनिर्भरता खत्म करना और फार्मा सेक्टर में मेक इन इंडिया को बढ़ावा देना है।