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जानिए अमेरिकी फेडरल रिजर्व बैंक से लोगों की क्या है उम्मीदें

प्रकाशित Wed, 19, 2019 पर 17:26  |  स्रोत : Moneycontrol.com

अमेरिका की अर्थव्यवस्था इस समय अमेरिकी ट्रेड वॉर और फेडरल रिजर्व बैंक की मीटिंग इन दो मामलों से जानी जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ट्रेड वॉर को खूब ईंधन पानी दे रहे हैं। इधर अमेरिका में दो दिन फेडरल रिजर्व बैंक की बैठक चल रही है। जिसमें ब्याज दरों पर फैसला किया जाना है। ब्याज दरों पर घोषणा होने के बाद फेडरल रिजर्व बैंक के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल प्रेस वार्ता करेंगे।


क्या है एफओएमसी


एफओएमसी यानी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी है। यह फेडरल रिजर्व सिस्टम के अधीन एक समिति है । जिसे अमेरिकी कानून के तहत देश के ओपन मार्केट के संचालन की देखरेख के साथ ब्याज दरों और अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मुद्रा आपूर्ति की व्यवस्था के बारे में महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए गठित किया गया है।



आज क्या है उम्मीदें
केंद्रीय बैंक से लोगों को उम्मीद है कि वो इस बार कर्ज लेने की लागत में कोई परिवर्तन न करे, लेकिन उम्मीद की जा रही है कि इस साल के अंत तक कटौती की जा सकती है। अमेरिका का फेडरल रिजर्व बैंक अमेरिकी-चीन ट्रेड वॉर पर कड़ी नजर बनाए हुए है। इसके अतिरिक्त इस बार बैठक में सबसे रूचि ट्रेडर्स ले रहे हैं। कुछ लोग दरों में कटौती संभावनाएं तलाश रहे हैं। कुछ लोगों को ये भी उम्मीद है कि इस बार राष्ट्रपति ने जो उम्मीदें की है। क्या उस पर फेडरल रिजर्व बैंक खरा उतर पाएगा। दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति ने दरों में कटौती की मांग की थी। 


भारत में इसका प्रभाव
बुधवार को फेडरल रिजर्व बैंक की मीटिंग से भारतीय निवेशक भी सतर्क हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व बैंक की मीटिंग से भारतीय बाजार में हल्का असर दिखा। अगर अभी ब्याज दरों में बदलाव और भविष्य में संभावित दरों में कटौती की गई तो भारत जैसे उभरते बाजारों में एफपीआई के लिए सकारात्मक हो सकता है। इससे भारत के कैपिटल एकाउंट (पूंजी खाते) में मदद मिल सकती है और तेल की बढ़ती कीमतों के कारण उच्च सीएडी का मुकाबला कर सकता है।