फर्जी फाइनेंस कंपनियों का फर्जीवाड़ा, पहरेदार से शिकायत -
Moneycontrol » समाचार » बाज़ार खबरें

फर्जी फाइनेंस कंपनियों का फर्जीवाड़ा, पहरेदार से शिकायत

प्रकाशित Sat, 10, 2018 पर 16:17  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

सीएनबीसी-आवाज़ पर आने वाला टीवी का सबसे बड़ा कंज्यूमर शो पहरेदार ग्राहक की आवाज़ बुलंद करता है और लड़ता है ग्राहक के हक की लड़ाई। जब कंपनियों की मनमानी के सामने कंज्यूमर झुकने लगता है, तब उनके हक की आवाज़ लेकर पहरेदार करता है कंपनी से सवाल और कंपनी को देना होता है जवाब।


पहरेदार के जरिए उन लोगों को इंसाफ मिल पाता है जो कंपनियों के अड़ियल रवैये के चलते उन जरूरी सर्विसेज से महरूम रह जाते हैं जो उनका हक है। पहरेदार उन कंपनियों को भी सबक सिखाता है जो वादे तो कर देती हैं लेकिन उन्हें पूरे करने में आनाकानी करती हैं।


देश में कई सारी संस्थाएं है जो आपको लोन ऑफर्स करती है, लेकिन अपना रिस्क कम करने के लिए हर लोन की एक अर्जी लंबी कागजी प्रक्रिया से गुजरती है और कई बार ऐसा भी होता है जब लोन खारिज कर दिया जाता है। इसकी कोई भी वजह हो सकती है। जैसे आपकी खराब फाइनेशिंयल हिस्ट्री या बैंक को लगता है कि आप लोन की किस्त अदा नहीं कर पायेगे। यहीं वह समय होता है जब आपको लगता है कि कहीं ना कहीं से आपको यह लोन मिलें और इसी बात का फायदा उठाती है फर्जी फाइनेंस कंपनियां। आपकी जरुरत होने के कारण आप भी इन्हीं फर्जी लोगों के जाल में फंस जाते हैं।


फ्रॉड का शिकार हुए कंज्यूमर का कहना है कि क्विकर के जरिए 1.80 लाख रुपये के लोन के लिए आवेदन किया था। आवेदन देने के 1-2 दिन के भीतर ही कंपनी से कॉल आया। कंपनी ने आधार, बैंक स्टेटमेंट, पैन नंबर की जानकारी मांगी। कॉल के जरिए लोन मंजूरी के लिए शर्ते रखी। लोन पर सरकारी सब्सिडी देने की बात भी कंपनी की तरफ से कही गई। लोन की मंजूरी के लिए 4000 रुपये प्रोसेसिंग फीस देने को कहा। कंज्यूमर का कहना कि लोन मंजूरी के लिए करीब 12,000 रुपये वसूले। रेफरेंस आईडी चार्ज के नाम पर 7500 रुपये और मांगे। एसबीआई बैंक से रेफरेंस आईडी चार्ज के बारे में जानकारी ली। एसबीआई बैंक ने साफ किया, लोन के लिए कोई रेफरेंस चार्ज नहीं।


उपभोक्ता मामलों के वकील इंद्रेश उपाध्याय का कहना है कि बैंक ने नाम पर फर्जी एजेंट धोखाधड़ी करते हैं। थर्ड पार्टी फर्जी नंबर से कॉल करती है और पैसे वसूलती है। कंज्यूमर को पुलिस में शिकायत दर्ज करनी चाहिए। फर्जी नंबर का कॉल डिटेल रिकॉर्ड निकालना चाहिए। पूरे देश में चल गौरखधंधा रहा है। लोन के लिए पहले डॉक्यूमेंट की जरुरत होती है, पैसों की नहीं होती।