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देशभर में चलेगा किसान अधिकार अभियान

किसान संसद ने फैसला किया है कि वो मार्च 2018 तक न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे अपनी फसल नहीं बेचेंगे।
अपडेटेड Nov 22, 2017 पर 11:42  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

दिल्ली में लगी किसान संसद ने फैसला किया है कि वो मार्च 2018 तक न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे अपनी फसल नहीं बेचेंगे। इसके अलावा देशभर के किसानों को किसान संसद में पेश हुए बिलों की जानकारी देने के लिए 2 महीने तक किसान अधिकार अभियान भी चलाया जाएगा।


देशभर से दिल्ली में जुटे किसानों ने बड़ा अभियान चलाने का खाका तैयार कर लिया है। किसान संसद में पेश किए गए प्रस्ताव के मुताबिक 26 नवंबर से लेकर 26 जनवरी 2018 तक देश भर में किसान अधिकार अभियान चलाया जाएगा जिसकी कमान अखिल भारतीय संघर्ष समन्वय समिति संभालेगी। इसकी शुरुआत गुजरात के बारडोली से की जाएगी। इतना ही नहीं, किसानों को इस अभियान से जोड़ने के बाद 26 जनवरी 2018 किसान मुक्ति दिवस के तौर पर मनाया जाएगा। इस अभियान के जरिए किसान संसद में पेश किए गए दो बिलों के बारे में किसानों को जानकारी भी दी जाएगी।


अखिल भारतीय संघर्ष समन्वय समिति ने किसान मुक्ति संसद में दो बिल पेश किए। पहला बिल है किसानों को फसल की लागत से 50 फीसदी ज्यादा दाम मिले। इसमें एमएसपी यानी न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी दर्जा देना, फसल की कीमत एमएसपी के नीचे हो तो सरकार का हस्तक्षेप करना और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की नीतियों में बदलाव करना शामिल है। दूसरा बिल किसानों की कर्ज माफी को लेकर है। इसमें बैंक और साहूकारों से लिया गया कर्ज शामिल है। साथ ही राष्ट्रीय कर्ज मुक्ति आयोग का गठन करने की बात शामिल है। इन दोनों ही बिलों पर अब देश भर के किसानों की राय ली जाएगी। इसके बाद इसे देश की संसद के सामने रखने की कोशिश होगी।