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विदेशी निवेशकों ने 250 से ज्यादा कंपनियों में घटाई हिस्सेदारी, क्या हो इनमें निवेश रणनीति

इन 254 कंपनियों में से 93 कंपनियों में पिछले 1 साल में 50 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली है।
अपडेटेड Jun 30, 2020 पर 22:37  |  स्रोत : Moneycontrol.com

Kshitij Anand @kshanand



पिछले 12 महीनों में से 8 महीनों में नेट सेलर रहें विदेशी निवेशकों ने पिछले साल की 4 तिमाहियों में 250 से ज्यादा कंपनियों में हिस्सेदारी घटाई है। हालांकि AceEquity के आकंड़ों के हिसाब से समग्र आधार पर देखें तो एफआईआई (FIIs) इस अवधि में 5000 करोड़ रुपये से कुछ ज्यादा के निवेश के साथ नेट बायर रहे हैं।


विदेशी निवेशकों के बिकवाली का यह निर्णय वैल्यूएशन, कॉर्पोरेट गर्वनेंस से जुड़े मुद्दों, मांग में गिरावट या मुनाफावसूली की वजह से हो सकता है। वो शेयर जिनमें विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी घटी है उनमें से अधिकांश फाइनेंशियल, फार्मा, कैपिटल गुड्स, टूरिज्म और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों से जुड़े हुए हैं।


करीब 254 ऐसी कंपनियां हैं जिनमें एफआईआई (FIIs) निवेश घटा है। इनमें Sun Pharma, Dabur India, Cipla, HCL Technologies और  Jubilant FoodWorks जैसे बड़े नाम भी शामिल हैं।


इन 254 कंपनियों में से 93 कंपनियों में पिछले 1 साल की अवधि में 50 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली है। इन कंपनियों में PC Jeweller, Future Retail, Sadbhav Engineering, Cox & Kings, Manpasand Beverages, Magma Fincorp और Dewan Housing Finance जैसी कंपनियां शामिल हैं।


SSJ Finance & Securities के  Atish Matlawala ने मनीकंट्रोल से बातचीत करते हुए कहा कि विदेशी निवेशकों ने इन कंपनियों में खराब कॉर्पोरेट गर्वनेंस, बढ़ते कॉम्पटिशन और स्ट्रेच्ड वैल्यूएशन जैसी वजहों से अपनी हिस्सेदारी घटाई है।  एफआईआई (FIIs) ने  Jubilant FoodWorks, Nestle India, Alembic Pharma, Cipla, Dabur जैसे ब्लूचिप कंपनियों में भी अपनी हिस्सेदारी घटाई है।


उन्होंने आगे कहा कि एफआईआई (FIIs) ने इन कंपनियों में मूल्यत: वैल्यूएशन को ध्यान में रखकर अपनी हिस्सेदारी घटाई है और वैल्यूएशन आर्कषक होने पर ये एक बार फिर इन शेयरों में वापस लौटेंगे। उन्होंने आगे कहा कि कुछ ऐसी कंपनियां भी है जिनमें कॉर्पोरेट गर्वनेंस से जुड़े मुद्दे है जिनकी वजह से एफआईआई की बिकवाली देखने को मिली है।


निवेशकों को क्या करना चाहिए?


ऐसी बहुत सी मिड और स्मॉल कैप कंपनी हैं जिनमें पिछले 4 तिमाहियों में एफआईआई ने लगातार अपनी हिस्सेदारी घटाई है। जानकारों के अनुसार इसमें सबसे अहम वजह मांग में गिरावट और आर्थिक गतिविधियों में सुस्ती है।


मिड और स्मॉल कैप इंडेक्स 2018 से ही बेयर मार्केट के दौर से गुजर रहे हैं जबकि बाजार के अहम सूचकांक 2020 में मंदी के दायरे में आए। इसलिए निवेशकों को अब अच्छे मिड और स्मॉलकैप शेयरों पर ध्यान देना चाहिए।


Religare Broking के अजीत मिश्रा ने मनीकंट्रोल से बातचीत करते हुए कहा कि हमें अपना निवेश निर्णय लेते वक्त किसी कंपनी में विदेशी निवेशकों की रुचि को ध्यान में रखने के साथ ही कंपनी के पिछले वित्तीय प्रदर्शन, प्रमोटरों की पृष्ठभूमि, कंपनी की बैलेंसशीट, कैशफ्लो, वैल्यूएशन और भविष्य में उसके विकास की संभावनाओं को जरुर ध्यान में रखना चाहिए।


किसी शेयर में मुनाफावसूली या उसके बाहर निकलने का निर्णय उस शेयर के प्रदर्शन के विश्लेषण पर आधारित होना चाहिए। इस विश्लेषण में कंपनी प्रबंधन की टिप्पणियां, कंपनी की पिछले तिमाही के नतीजे और कोरोना जैसे संकट काल में कंपनी के आगे के प्रदर्शन का विश्लेषण जरुर शामिल होना चाहिए।


जानकारों का कहना है कि कोविड की वजह से सरकार की नीतियों में कोई भी बदलाव किसी खास सेक्टर या कंपनी के लिए नुकसान दायक या फायदेमंद हो सकते हैं। निवेशकों को इस तथ्य को ध्यान में रखना चाहिए। इसके अलावा अगर किसी कंपनी में कॉर्पोरेट गर्वनेंस से जुड़ा कोई मसला है तो भी हमें उस शेयर से दूर रहना चाहिए।


किन स्टॉक्स पर लगाए दांव


तो क्या हम यह कह सकते हैं कि वो सारे स्टॉक जिनमें एफआईआई की हिस्सेदारी घटी है वो बिकवाली के लायक हैं?


जानकारों का कहना है कि इनमें से कुछ ऐसे स्टॉक है जो लंबी रेस का घोड़ा साबित हो सकते हैं।


CapitalVia Global Research के गौरव गर्ग ने मनीकंट्रोल से बातचीत करते हुए कहा कि कोविड-19 और इसके प्रभाव को ध्यान में रखते हुए Polycab India Ltd., Avanti Feeds Ltd, HDFC Life Insurance Co Ltd और Vinati Organics लंबी अवधि के नजरिए से निवेशकों को अच्छा प्रतिफल देने की क्षमता रखते हैं।


उन्होने आगे कहा कि कॉर्पोरेट गर्वनेंस से जुड़े मसलों की वजह से निवेशकों को Manpasand Beverages Ltd, Jet Airways (India) Ltd, Eveready Industries (India) Ltd जैसे स्टॉक्स से दूर रहना चाहिए।


SSJ Finance & Securities के Atish Matlawala का कहना है कि निवेशकों को  Reliance Capital, Cox & Kings, Manpasand beverages, Dewan Housing, Sintex Plastics जैसे स्टॉक्स से दूर रहना चाहिए क्योंकि ये कंपनियां या तो ढ़ह गई हैं या फिर ढ़हनें के कगार पर हैं।


उन्होंने आगे कहा कि Dabur India, Page Industries, Tata Metaliks, 3M India, United breweries, Gillette India, VIP Industries में निवेश की सलाह है। 


(डिस्क्लेमरः  Moneycontrol.com पर दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह निवेश विशेषज्ञों के अपने निजी विचार और राय होते हैं। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें। )


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