Moneycontrol » समाचार » बाज़ार खबरें

MSME के साथ वित्त मंत्री की बैठक, दिक्कतों पर हुई चर्चा

मंदी से निपटने के लिए सरकार इंडस्ट्री के नुमाइंदों से अलग-अलग बैठक कर रही है।
अपडेटेड Aug 07, 2019 पर 10:41  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

मंदी से निपटने के लिए सरकार इंडस्ट्री के नुमाइंदों से अलग-अलग बैठक कर रही है। इसी क्रम में कल वित्त मंत्री ने MSME सेक्टर के लोगों से मुलाकात कर उनकी दिक्कतों को सुना। बैठक में MSME मंत्री नितिन गडकरी भी मौजूद रहे। बैठक के बाद नितिन गडकरी ने कहा कि जल्द ही MSME की दिक्कतों का समाधान निकलेगा।


वित्त मंत्री से बैठक में MSMEs ने अपनी परेशानियां बताईं जिसमें कहा गया कि MSMEs को कर्ज मिलने में दिक्कत, पेमेंट में देरी का सामना करना पड़ रहा है। इस मीटिंग में GST रिफंड समेत दूसरी दिक्कतों पर भी चर्चा हुई और MSME के लिए बैंकों में अलग विंडो बनाने की मांग रखी गई। बैठक में यू के सिन्हा रिपोर्ट पर भी चर्चा हुई।


इस बैठक के बाद MSMEs मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि MSMEs सेक्टर देश का ग्रोथ इंजन है। इसका देश मे रोजगार देने और जीडीपी में बड़ा योगदान है। वित्तमन्त्री ने सेक्टर की जमीनी स्तर की दिक्कतों को समझने के लिए बैठक बुलाई है। हमें उम्मीद है जल्द ही सेक्टर को क्रेडिट मिलने में हो रही दिक्कतों को समाधान होगा।


MSMEs की दिक्कतों को लेकर चल रही वित्तमंत्रालय की बैठक खत्म होने के बाद इंडस्ट्री के नुमाइंदों ने कहा कि वित्तमन्त्री ने सभी मुद्दों को गंभीरता से सुना। हमने कर्ज़ मिलने में दिक्कत, पेमेंट में देरी, जीएसटी सम्बंधित समस्याओं को उठाया। U K सिन्हा रिपोर्ट पर भी चर्चा हुई। इसमें कहा गया है कि MSMEs के लिए बैंकों को एक अलग से फंड और विंडो क्रिएट करना चाहिए। इसके अलावा क्लस्टर बेस्ड अप्रोच अपनाने की जरूरत है ताकि सरकारी मदद और नीतियों का फायदा सभी को मिल सके। MSMEs को इंपोर्ट substitution के माध्यम से भी राहत दी जानी चाहिए ताकि रॉ मेटेरियल के इम्पोर्ट में दिक्कत नहीं हो।