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सरकार ने मोरेटोरियम पीरियड की EMI पर ब्याज माफी का गाइडलाइंस जारी किया

जिन कर्जदारों के ऊपर 29 फरवरी तक कुल ऋण 2 करोड़ रुपये से अधिक नहीं है, वे योजना का लाभ उठाने के लिये पात्र होंगे
अपडेटेड Oct 26, 2020 पर 08:08  |  स्रोत : Moneycontrol.com

त्योहारी सीजन में कर्जदारों को उपहार देते हुए फाइनेंस मिनिस्ट्री ने बुधवार को 2 करोड़ रुपए तक के लोन पर 6 महीने की अवधि तक के लिए चक्रविधि ब्याज और साधारण ब्याज के बीच आने वाले अंतर के अनुग्रह राशि के तौर पर भुगतान से संबंधित गाइडलाइन को मंजूरी दे दी है। दूसरे शब्दों में कहें तो केंद्र सरकार ने 2 करोड़ रुपए तक के कर्जे पर ब्याज पर ब्याज माफी संबंधी दिशानिर्देशों पर अपनी मुहर लगा दी है।
 
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने केंद्र को आरबीआई (RBI) की तरफ से  COVID-19 की वजह से उत्पन्न संकट को देखते हुए कर्ज लौटाने को लेकर दी गयी मोहलत के तहत 2 करोड़ रुपये तक के कर्ज पर ब्याज छूट योजना को जल्द- से -जल्द लागू करने का निर्देश दिया था उसके बाद यह दिशानिर्देश आया है।


Department of Financial Services(वित्तीय सेवा विभाग) द्वारा जारी गाइडलाइन के मुताबिक कर्जदार संबंधित ऋण खाते पर योजना का लाभ ले सकते हैं। यह लाभ 1 मार्च, 2020 से 31 अगस्त, 2020 की अवधि के लिये है। इसके अनुसार जिन कर्जदारों के ऊपर 29 फरवरी तक कुल ऋण 2 करोड़ रुपये से अधिक नहीं है, वे योजना का लाभ उठाने के लिये पात्र होंगे। इस योजना के तहत आवास ऋण, शिक्षा ऋण, क्रेडिट कार्ड बकाया, वाहन कर्ज, MSME,व्हाइट गुड्स प्रोडक्ट्स और खपत के लिये लिया गया कर्ज (Housing loan, education loans, credit card dues, auto loans, MSME loans,consumer durable loans and consumption loans)आएगा।


इस गाइडलाइन के मुताबिक बैंक और वित्तीय संस्थान पात्र कर्जदारों के ऋण खाते में मोहलत अवधि के दौरान चक्रविधि ब्याज और साधारण ब्याज के बीच अंतर की राशि जमा करेंगे। यह सुविधा उन सभी पात्र कर्जदाताओं के लिये है जिन्होंने RBI द्वारा 27 मार्च, 2020 को घोषित योजना के तहत पूर्ण रूप से या आंशिक रूप से कर्ज लैटाने को लेकर दी गयी छूट का लाभ उठाया है। वित्तीय संस्थान संबंधित कर्जदार के खाते में रकम डालकर उसके भुगतान के लिये केंद्र सरकार से दावा करेंगे। सूत्रों के अनुसार सरकारी खजाने पर इस योजना के क्रियान्वयन में 6,500 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा।


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