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रियल एस्टेट बूस्टर पर आज आई वित्त मंत्रालय की सफाई

साफ किया गया है कि इस फंड से NCLT में जा चुके या NPA घोषित हो चुके प्रोजेक्ट को भी फंड मिलेगा।
अपडेटेड Nov 08, 2019 पर 09:41  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

कल सरकार ने अटके हुए रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स के लिए 25 हजार करोड़ का फंड बनाने की घोषणा की थी। आज इस पर वित्त मंत्रालय ने सफाई भी जारी की है। इसके तहत ये साफ किया गया है कि इस फंड से NCLT में जा चुके या NPA घोषित हो चुके प्रोजेक्ट को भी फंड मिलेगा बशर्ते की उसके रिजॉल्यूशन प्लान पर क्रेडिटर्स ने कोई फैसला ना किया हो। फंड में पैसा कहां से आएगा, इसका भी ब्यौरा दिया गया है। इसमें सोवरेन वेल्थ फंड, बैंकों, पेंशन फंड, PF की चर्चा है। इसमें वैसे प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता दी जाएगी जो पूरा होने के करीब आकर फंस गए हैं और सरकार इस फंड में सिर्फ एक स्पॉन्सर की भूमिका निभाएगी। बाकी काम इन्वेटमेंट मैनेजर का होगा। प्रोजेक्ट का चुनाव फंड की इन्वेस्मेंट कमेटी करेगी। मामला कोर्ट में लंबित है तो प्रोजेक्ट को पैसा नहीं मिलेगा।


इससे सिर्फ फंड की किल्लत से बंद हुए प्रोजेक्ट को मदद मिलेगी। प्रोजेक्ट कीमत की अधिकतम सीमा में एडिशनल चार्जेज नहीं जुड़ेंगे। 200 वर्ग मीटर से कम साईज के प्रोजेक्ट को मदद मिलेगी। इसमें विला प्रोजेक्ट को भी फंड मिलेगा। अटके प्रोजेक्ट के रिटेल लोन की RBI गाइडलाइंस से रीस्ट्रक्चरिंग की जाएगी। किसी भी एक प्रोजेक्ट को अधिक से अधिक 400 करोड़ रुपये का फंड दिया जाएगा। एक डेवलपर या एक शहर के लिए भी फंड की अधिकतम सीमा तय की जाएगी। इन्वेस्टमेंट मैनेजर चाहे तो डेवलपर भी बदल सकता है।



इस बीच रियल एस्टेट को कल दिए गए 25 हजार करोड़ के बूस्टर पैकेज को प्रधानमंत्री ने घर खरीदारों के हित में एक बड़ा कदम बताया है।


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