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COVID-19 की पहली वैक्सीन को human trial में पाया गया सुरक्षित, जगी उम्मीद

COVID-19 के लिए विकसित पहले चरण के क्लनिकल ट्रायल में पहुंचने वाली वैक्सीन को सुरक्षित पाया गया है।
अपडेटेड May 24, 2020 पर 15:19  |  स्रोत : Moneycontrol.com

COVID-19 के लिए विकसित पहले चरण के क्लनिकल ट्रायल में पहुंचने वाली चाइना में बनी वैक्सीन (Ad5-nCoV)) को सुरक्षित पाया गया है। यह खबर कोरोना के कहर से जूझ रही पूरी दुनिया के लिए बहुत बड़ी राहत लेकर आई है।


बता दें कि अमेरिकी दवा कंपनी मोर्डेना ने भी कुछ दिन पहले COVID-19 वैक्सीन के पहले चरण के सफल परीक्षण की घोषणा की थी। हालांकि बाद में मोर्डेना  के दावे पर सवाल भी उठे थे। अब शुक्रवार को शोधकर्ताओं की तरफ से कहा गया है कि चीन में विकसित एक वैक्सीन सुरक्षित लग रही है और यह लोगों को कोरोना वायरस से बचा सकती है।


Lancet journal में प्रकाशित रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक कहा गया है कि शुरुआती चरण के ट्रायल में जिन लोगों को वैक्सीन की खुराक दी गई उनमें कुछ  रोगप्रतिरोधी कोशिकाओं का निर्माण हुआ। इन  रोगप्रतिरोधी कोशिकाओं को T-cells कहा जाता है। इस वैक्सीन की वजह से T-cells 2 हफ्तों में बढ़े जो मनुष्य को कोरोना संक्रमण से बचा सकते हैं। इस ट्रायल में 18 से 60 आयु वर्ग के 108 लोगों को शामिल किया गया है।


हालांकि बीजिंग  इंस्टीट्यूट ऑफ बॉयोटेक्नोलॉजी ( Beijing Institute of Biotechnology) के शोधकर्ताओं का कहना है कि इस विषय पर अभी और शोध की जरुरत है। जिससे यह पता चल सके कि क्या यह वैक्सीन SARS-COV-2 संक्रमण से सुरक्षा कर सकती है या नहीं।


108 वयस्क लोगों पर किए गए इस परीक्षण में 28 दिन बाद काफी अच्छे परिणाम प्राप्त हुए है। हालांकि इस परीक्षण का अंतिम निष्कर्ष 6 महीने में आएगा। इस शोध में शामिल बीजिंग  इंस्टीट्यूट ऑफ बॉयोटेक्नोलॉजी  के वेइ चेन (Wei Chen) ने कहा कि इस वैक्सीन के परीक्षण के परिणाम  मील का पत्थर साबित हो सकते हैं।  इस परीक्षण से पता चला है कि नई एडिनोवाइरस टाइप वेक्टोर्ड (New adenovirus type 5 vectored COVID-19 (Ad5-nCoV) वैक्सीन के एक सिंगल डोज ने 14 दिन में  वायरस स्पेशिफिक एंट्रीबॉडी और T-cells बनाई।


इस रिजल्ट के आधार पर वेइ चेन (Wei Chen) ने कहा कि इस वैक्सीन पर और रिसर्च और जांच की जरुरत है। हालांकि शोधकर्ताओं ने यह भी कहा कि इस वैक्सीन पर आगे होने वाले परीक्षणों के परिणाम की व्याख्या बहुत सावधानी से करनी चाहिए।


इस बीच कोरोना वायरस के इलाज के लिए ब्रिटेन में जिस वैक्सीन का ट्रायल हो रहा है। वह भी अब दूसरे फेज में पहुंच गया है। इस फेज में वैक्सीन का ट्रायल इन्सानों पर शुरु हो गया है। इस परीक्षण के सफल होने पर इसे 10000 से अधिक लोगों को लगाने की तैयारी की जा रही है।


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