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पहले लेंडिंग कंपनी के तौर पर शुरुआत और अब लेंडर्स के लिए करती है कलेक्शन, Startup Creditmate का सफरनामा

क्रेडिटमेट के प्लेटफार्म से फिलहाल करीब 35 लेंडर्स जुड़े हैं।
अपडेटेड Feb 20, 2020 पर 14:16  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

स्टार्टअप नेशन ने अब तक आपको ऐसे कई फिनटेक स्टार्टअप्स से रूबरू कराया है जो छोटे टिकट साइज के कर्ज देते हैं या फिर छोटे शहरों पर फोकस कर अच्छा बिजनेस कर रहे हैं। लेकिन आज ऐसा स्टार्टअप है जिसने पहले अपना हाथ लेंडिंग में आजमाया और इस एक्सपीरियंस को आधार बनाकर अन्य लेंडर्स के लिए कलेक्शन का काम शुरू किया। आज की हमारी सक्सेस स्टोरी है क्रेडिटमेट। जानेंगे किन चैलेंजेस का सामना किया और कैसी रही ग्रोथ, लेकिन पहले इनका अब तक का सफर देखिए।


फाइनेंशियल सेक्टर के लिए NPA यानि बैड लोन्स एसेट क्वालिटी के लिए सबसे बड़ी चिंता हैं। स्टार्टअप क्रेडिटमेट ने इसी दिक्कत को हल करने के मकसद से समय पर कलेक्शन की सर्विस शुरू की और एक ग्रोइंग बिजनेस की शक्ल दी। हालांकि इस स्टार्टअप ने शुरुआत बतौर फाइनेंशियल लेंडर की थी लेकिन दिसंबर 2019 में अपना पूरा मॉडल चेंज कर ऑनलाइन कलेक्शन प्लेटफॉर्म बना।


क्रेडिटमेट के प्लेटफार्म से फिलहाल करीब 35 लेंडर्स जुड़े हैं। जिनमे बैंक्स, NBFCs और कई और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस शामिल हैं। इन क्लाइंट्स के NPA न बढ़ें और लोन-होल्डर्स से क्लाइंट्स को पैसा वक़्त पर मिल जाए, इसके लिए स्टार्टअप क्लाइंट एजुकेशन और कलेक्शन सेंटर्स की सुविधाएं भी मुहैया करता है। स्टार्टअप का दावा है कि इन्होंने कुछ क्लाइंट्स के लिए NPA करीब 70 परसेंट तक कम कर दिया है। स्टार्टअप SaaS प्लेटफार्म और कलेक्शन अग्ग्रेगेटर प्लेटफार्म के जरिए रेवेन्यू हासिल करता है।


क्रेडिटमेट की ग्रोथ के लिए कंपनी के 4 फाउंडर्स और कुछ एंजल इन्वेस्टर्स ने करीब 3.5 करोड़ रुपए लगाया है। वहीं स्टार्टअप ने paytm से 50 लाख डॉलर की इंस्टीट्यूशनल फंडिंग भी हासिल की है। आगे और तेजी से बढ़ने के लिए कंपनी जल्द ही सीरीज A फंडिंग जुटानी की योजना में है।



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