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पहला कदम सीजन-4: केलकुलेटिव रिस्क को समझ बने बेहतर निवेशक

प्रकाशित Sat, 03, 2018 पर 19:21  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

पहला कदम सीजन-4 के इस एपिसोड में आपका स्वागत है। पिछले एपिसोड में हमने बात थी निवेश के डाइवर्सिफिकेशन पर। आज हमारी चर्चा का फोकस है निवेश के रिस्क पर। निवेश को लेकर किस तरह के रिस्क होते हैं और इनका मुकाबला कैसे किया जाए, कैसे निवेश से जुड़ा रिस्क कम किया जाए हम इसी बात कर रहे हैं। एक्सपर्ट के तौर पर हमारे साथ हैं - एक्सिस सिक्योरिटीज के एमडी और सीईओ अरुण ठुकराल, एसबीआई म्यूचुअल फंड्स के सीनियर वीपी रजत चट्टोपाध्याय और सीएनबीसी-आवाज़ के मार्केट्स एडिटर प्रदीप पंड्या। हमारे कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों पर अगर आपके जेहन में कोई सवाल है तो आप हमें हमारे फेसबुक पेज, ट्टिवटर हैंडल और पहला कदम की वेबसाइट पर जाकर हम तक पहुंचा सकते हैं।


मार्केट के रिस्क को समझाते हुए जानकारों का कहना है कि बाजार में बड़ी गिरावट से ना घबराएं बल्कि बाजार की गिरावट को निवेश का मौका समझें। बाजार जब उंचाई पर जाता है तो बाजार में पैसा आता है। इसलिए बाजार की गिरावट पर एसआईपी को बंद ना करें। जिन निवेशकों को मार्केट की समझ नहीं है वह एडवाइजर की मदद जरुर लें। पावर ऑफ कंपाउंडिंग को समझें। साथ ही निवेशक शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म लक्ष्य के रिस्क में फर्क करना सीखें।


जानकारों के अनुसार अगर आपके निवेश को नजरिया छोटी अवधि का है तो आपके लिए म्यूचुअल फंड में निवेश करना फायदेमंद होगा। इक्विटी निवेश की अवधि 5 से 7 साल होनी चाहिए।