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मार्च की सुस्ती के बाद अप्रैल में विदेशी निवेशकों ने बाजार में भरा जोश, इस सप्ताह सेंसेक्स 13% भागा

9 अप्रैल को एफआईआई (FIIs) ने 1,737.62 करोड़ रुपये के शेयरों की खरीद की.
अपडेटेड Apr 11, 2020 पर 09:41  |  स्रोत : Moneycontrol.com

9 अप्रैल को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में एफआईआई (FIIs) की खरीदारी देखने को मिली। बता दें कि 9 अप्रैल इस छोटे कारोबारी हफ्ते का अंतिम कारोबारी दिन था। 9 अप्रैल को एफआईआई (FIIs) ने  1,737.62 करोड़ रुपये के शेयरों की खरीद की जबकि पिछले 2 सत्रों में एफआईआई की तरफ से क्रमश:  1,943.41 करोड़ रुपये और 741.77 करोड़ रुपये के शेयरों की खरीद हुई थी। ऐसा लग रहा है कि शायद कुछ समय के लिए ही सही विदेशी संस्थागत निवेशक भारत को लेकर आशावादी हो गए हैं।


गौरतलब है कि विदेशी निवेशकों ने मार्च में भारतीय बाजारों में भारी बिकवाली की थी। अप्रैल में अब तक 1,345.04 करोड़ रुपये की एफआईआई (FIIs) खरीदारी हो चुकी है जबकि मार्च में  एफआईआई (FIIs) ने 65,816.70 करोड़ रुपये की बिकवाली की थी।


दूसरी तरफ घरेलू संस्थागत निवेशकों ने अप्रैल की इस रैली का उपयोग अपने शेयरों की बिकवाली के लिए किया। घरेलू फंडों ने 9 अप्रैल को 466.02 करोड़ रुपये और उसके पिछले सत्र में 1,757.79 करोड़ रुपये की बिकवाली की।


डीआईआई (DIIs) अप्रैल में अब तक नेट सेलर रहे है। इन्होंने अप्रैल में अब तक 2,025.11 करोड़ रुपये की बिकवाली की है जबकि मार्च में इनकी तरफ से 55,595.18 करोड़ रुपये की खरीदारी हुई थी।


वास्तव में पिछले 2 सप्ताहों के कंसोलिडेशन के बाद कल खत्म हुए कारोबारी हफ्ते में  एफआईआई (FIIs) की तरफ से हुई खरीदारी की वजह से मार्केट सेटिमेंट में सुधार देखने को मिला। इस सप्ताह सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में करीब 13 फीसदी की उछाल देखने को मिला और ये क्रमश: 31,000 और 9,100 के ऊपर बंद हुए।


बाजार को कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में संक्रमण की दर में आने वाली गिरावट की संभावना और राहत पैकेज की उम्मीद से भी सहारा मिला है।


बाजार में 23 मार्च के मल्टी ईयर लो से अब तक शानदार तेजी देखने को मिली है। बता दें कि 23 मार्च 2020 को सेंसेक्स और निफ्टी में इतिहास का सबसे बड़ा इंट्राडे गिरावट देखने को मिली थी। 23 मार्च के बाद अब तक सेंसेक्स और निफ्टी में 21 फीसदी से ज्यादा की रिकवरी देखने को मिली है।


शुक्रवार को खत्म हुए हफ्ते में निवेशकों की वेल्थ 12.4 लाख करोड़ रुपये बढ़ी जबकि 23 मार्च से अब तक निवेशकों को करीब 19 लाख करोड़ रुपये की कमाई हुई लेकिन जानकारों को इस उछाल  के टिकने की उम्मीद नहीं है। उनके नजरिए से ये उछाल शॉर्ट टर्म बियर मार्केट रैली है।


जानकारों का मानना है कि COVID-19 के हमले के चलते कंपनियों का प्रदर्शन कमजोर रहने और इकोनॉमिक ग्रोथ को झटका लगने की वजह से आगे बाजार में कमजोरी देखने को मिलेगी। जियोजित फाइनेशिंयल सर्विसेस के रिसर्च हेड विनोद नायर ने मनीकंट्रोल से कहा कि भारत में  कोरोना वायरस के फैलाव और लॉकडाउन से संबंधित खबरों के बीच बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। उन्होंने आगे कहा कि जल्द ही घोषित किए जाने वाले एक और राहत पैकेज में एसएमई (MSMEs) सेक्टर और कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित सेक्टरों को राहत मिलने की उम्मीद है।




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