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विदेशी निवेशकों को भी कोरोना का डर, इक्विटी मार्केट से 5,936 करोड़ रुपये निकाले

विदेशी निवेशकों ने पिछले वर्ष कोरोना के फैलने के बाद इक्विटी मार्केट में आई भारी गिरावट के बाद काफी निवेश किया था। उनके निवेश वाले कुछ स्टॉक्स में काफी तेजी आई है
अपडेटेड May 10, 2021 पर 09:06  |  स्रोत : Moneycontrol.com

कोरोना की दूसरी लहर के कारण हो रही तबाही और इससे इकोनॉमी पर पड़ रहे असर से चिंतित विदेशी निवेशकों ने मई के पहले सप्ताह में देश के इक्विटी मार्केट से 5,936 करोड़ रुपये निकाले हैं। इन निवेशकों ने अप्रैल में 9,659 करोड़ रुपये निकाले थे। हालांकि, अप्रैल से पहले के छह महीनों में उन्होंने निवेश किया था।


मॉर्निंगस्टार इंडिया के एसोसिएट डायरेक्टर, हिंमाशु श्रीवास्तव ने कहा कि विदेशी निवेशकों के बीच कोरोना का डर है और आगे भी इन निवेशकों की ओर से बिकवाली की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।


डेटा के अनुसार, फॉरेन पोर्टफोलियो इनवेस्टर्स (FPI) ने 3-7 मई के दौरान देश के इक्विटी मार्केट से 5,936 करोड़ रुपये की कुल रकम निकाली है।


अप्रैल के आउटफ्लो से पहले FPI पिछले वर्ष अक्टूबर से मार्केट में निवेश कर रहे थे। उन्होंने अक्टूबर से इस वर्ष मार्च के दौरान इक्विटीज में लगभग 1.97 लाख करोड़ रुपये लगाए थे। इसमें इस वर्ष के पहले तीन महीनों में 55,741 करोड़ रुपये का नेट इनवेस्टमेंट शामिल है।


बजाज कैपिटल के चीफ रिसर्च ऑफिसर, आलोक अग्रवाल ने कहा कि देश में कोरोना के मामले बढ़ने, राज्यों में लॉकडाउन लगने और ग्रोथ की रफ्तार कम होने के साथ FPI बिकवाली कर रहे हैं। इसके साथ ही कमजोर करेंसी से भी FPI की ओर से आउटफ्लो बढ़ा है।


हालांकि, ऑनलाइन इनवेस्टमेंट पोर्टल, ग्रो (Groww) के को-फाउंडर, हर्ष जैन ने कहा कि विदेशी निवेशकों की ओर से हाल की बिकवाली का कारण प्रॉफिट बुकिंग हो सकता है।


उन्होंने बताया, "FPI ने पिछले वर्ष अप्रैल से भारी निवेश करना शुरू किया था और उसके बाद से मार्केट में काफी तेजी आई है। उनके निवेश वाले कुछ स्टॉक्स ने इस अवधि में अच्छा रिटर्न दिया है।"


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