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FPI ने मौजूदा फिस्कल ईयर में इंडियन इक्विटी मार्केट से निकाले 6,105 करोड़ रुपये, जानिए क्या है वजह

विदेशी निवेशकों ने जून महीने को छोड़कर फिस्कल ईयर के सभी महीनों में बिकवाली की है और जून में उन्होंने 13,269 करोड़ रुपये डाले हैं
अपडेटेड Aug 02, 2021 पर 10:05  |  स्रोत : Moneycontrol.com

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (Foreign portfolio investors - FPIs) ने मौजूदा फिस्कल ईयर में इंडियन इक्विटी मार्केट से अब तक नेट 6,105 करोड़ रुपये निकाले हैं।


कोरोना वायरस महामारी और देश के कई हिस्सों में लगे लॉकडाउन के चलते विदेशी निवेशक इंडियन इक्विटी मार्केट से पैसे निकाल रहे हैं। BSE का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स करेंट फिस्कल ईयर में अप्रैल-जुलाई के दौरान 3,077.69 अंक या 6.21 फीसदी का उछाल आया है।


मार्केट में जोश का हाल ये है कि 16 जुलाई 2021 को सेंसेक्स 53,290.81 के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गया और 15 जुलाई को यह 53,158.85 ऑलटाइम हाई पर क्लोज हुआ। 30 जुलाई तक BSE पर लिस्टेड कंपनियों के मार्केट कैप में 31,18,934.36 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है और यह 2,35,49,748.90 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।


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डिपॉजिटरी डेटा (depositories data) के मुताबिक, करेंट फिस्कल ईयर के पहले चार महीने में FPI ने इंडियन इक्विटी मार्केट से नेट 6,707 करोड़ रुपये निकाले हैं। इसी अवधि में उन्होंने डेट सेगमेंट में 602 करोड़ रुपये का निवेश किया। इस तरह उनकी शुद्ध निकासी 6,105 करोड़ रुपये रही है।


डेटा से पता चलता (data showed) है कि विदेशी निवेशकों ने जून महीने को छोड़कर फिस्कल ईयर के सभी महीनों में बिकवाली की। जून महीने में FPIs ने 13,269 करोड़ रुपये निवेश किए थे। अप्रैल में उन्होंने 9,435 करोड़ रुपये निकाले थे। वहीं, मई महीने में उन्होंने 2,666 करोड़ रुपये और जुलाई में 7,273 करोड़ रुपये निकाले थे।


LKP Securities के एस रंगनाथन (S Ranganathan) का कहना है कि पहले चार महीने के दौरान देश में नए निवेशकों का रजिस्ट्रेशन सालाना आधार पर 2.5 गुना बढ़ा है।


वहीं बाजार के जानकारों का मानना है कि फिस्कल ईयर के शुरुआती दौर में कोरोना संक्रमित मरीजों में इजाफा हो रहा था और कई राज्यों ने लॉकडाउन में सख्ती का रूख अपनाए हुए थे। जिससे निवेशकों के सेंटीमेंट पर असर पड़ा है। 


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Morningstar India के हिमांशु श्रीवास्तव (Himanshu Srivastava) का कहना है कि जून महीने से लोकल लेवल पर लागू लॉकडाउन के हटने की शुरुआत हुई है। कोरोना संक्रमित मामलों में लगातार आई गिरावट से निवेशकों के सेंटीमेंट में सुधार आया है। उन्होंने कहा कि FPIs ने इंडियन इक्विटी मार्केट के प्रति जून के मध्य से सतर्कता वाला रुख अपनाना शुरू कर दिया और उनका यह रुख जुलाई में भी जारी रहा।


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