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जनवरी में अमेरिका-चीन डील के बाद FPIs का निवेश बढ़ा

ज्यादातर FPIs निवेश अमेरिका-चीन के बीच पहले चरण की डील के बाद हुआ है।
अपडेटेड Jan 20, 2020 पर 09:30  |  स्रोत : Moneycontrol.com

घरेलू आर्थिक चुनौतियों और अमेरिका और ईरान के बढ़ते तनाव और अमेरिका-चीन डील के बावजूद इंडिया मार्केट में Foreign portfolio investors (FPI) ने जमकर खरीदारी की। FPIs ने इंडियन मार्केट में शुद्ध रूप से 1,288 रुपये का निवेश किया है। जनवरी में FPIs ने खूब खरीदारी की।


NSDL के आंकड़ों के मुताबिक, FPIs ने 10,200 करोड़ रुपये इक्विटी मार्केट में निवेश किया है। जबकि डेट सेगमेंट से 8,912 करोड़ रुपये की निकासी की है। 1-17 जनवरी के बीच FPIs ने 1,288 करोड़ रुपये शुद्ध रूप से निवेश किया है।


ग्रो के को-फाउंडर और COO हर्ष जैन ने कहा कि, ज्यादातर FPIs का निवेश अमेरिका-चीन के बीच पहले चरण की डील के बाद हुआ है। आने वाले समय में FPIs का निवेश बढ़ने का अनुमान है।


रेलीगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड (Religare Broking Ltd) के वाइस प्रेसीडेंट अजीत मिश्र ने कहा कि सितंबर 2019 में FPIs ने शानदार वापसी की है। साल 2020 के शुरुआत में कमजोर रहे। इसका कारण ये रहा कि अमेरिका-ईरान के तनाव के चलते दुनिया भर के इक्विटी मार्केट में अस्थिरता रही। ऐसे में FPIs ने भारत जैसे उभरते मार्केट से पैसे निकालने का विकल्प चुना।


इसके अलावा FPIs की निगाहें एक फरवरी को पेश होने जा रहे आम बजट पर भी लगी हैं। वित्त वर्ष 2020-21 के लिए आम बजट एक फरवरी 2020 को पेश होगा। वहीं आर्थिक सर्वे 31 जनवरी को आएगा। इस बजट से लोगों को काफी उम्मीदें हैं। यह सीतारमण का दूसरा बजट होगा।


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