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बोर्डिंग पास की लंबी लाइन से जल्द मिलेगी मुक्ति

प्रकाशित Tue, 21, 2019 पर 14:00  |  स्रोत : Moneycontrol.com

हवाई यात्रा से सफर करने वाले यात्रियों के लिए खुशखबरी है। अब अगर आप गलती से अपना पहचान पत्र, टिकट या अन्य कोई सामान भूल गए हैं तो कोई परेशानी नहीं होगी। साथ ही एयरपोर्ट में लंने वाली लंबी कतारों के झंझट से भी मुक्ति मिलेगी। इसके लिए यात्रियों को एविएशन मिनिस्ट्री (विमानन मंत्रालय) की पोर्टल में आधार और पासपोर्ट के जरिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इससे बायोमेट्रिक पहचान पत्र तैयार हो जाएगा। यानी की यात्री के चेहरे और बायोमेट्रिक से एयरपोर्ट पर एंट्री मिल सकेगी। एंट्री होते ही आगे जाकर बोर्डिंग पास बन जाएगा। इस योजना की शुरुआत पहले बंगलुरु एयरपोर्ट से की जाएगी। इसके बाद अन्य एयरपोर्ट में इस योजना को लागू किया जाएगा।



 एविएशन मिनिस्ट्री ने इस योजना को डीजी यात्रा नाम दिया है। इस योजना को लागू करने के लिए इन दिनों बंग्लुरु एयरपोर्ट पर बहुत तेजी काम चल रहा है। इसकी शुरुआत सबसे पहले डोमेस्टिक यात्रियों के साथ किया जाएगा। जिसके जरिए यात्रियों का चेहरा देखकर बोर्डिंग पास बन जाएगा। इस डीजी परियोजना के तहत पेपर लेस यात्रा हो जाएगी।
बेंगलुरु एयरपोर्ट के एक अधिकारी ने बताया कि, चेक इन प्रॉसेस को बायोमेट्रिक करने के लिए तेजी काम चल रहा है। जल्द ही इसे तीसरे तिमाही तक पूरा कर लिया जाएगा। इस समय टर्मिनल गेट को ई-गेट बनाया जा रहा है। जिससे ई-गेट के जरिए बोर्डिंग पास बन जाएगा। साथ ही ये भी बताया कि पहले चरण में केवल डोमेस्टिक यात्रियों के लिए ही बनया जाएगा। इसके बाद इंटरनेशनल यात्रियों के लिए सरकार से मंजूरी मिलने की शुरु किया जाएगा। इसके लिए हम विस्तारा से शुरुआत कर रहे हैं। हम और भी डोमेस्टिक एयरलाइन से बातचीत कर रहे हैं।


क्या है डीजी यात्रा



डीजी यात्रा का मतलब है कि पूरा यात्रा को डिजिटल रूप देना और पूरे सिस्टम को पेपर लेस कर देना। डीजी यात्रा में यूनिक आई डी जैसे आधार कार्ड, पासपोर्ट या पैन कार्ड को पीएनआर नम्बर से लिंक करना होगा। टिकट बुकिंग के समय ये लिंक हो जाएगा। इसके बाद डिजिटल बोर्डिंग पास के रूप में काम करने लगेगा। इसे स्मार्ट फोन के जरिए एयरपोर्ट पर सभी प्वाइंट पर इस्तेमाल कर सकते हैं।


डीजी यात्रा के फायदे



एयरपोर्ट में चेक इन और बोर्डिंग में लगने वाला समय आधा हो जाएगा। फ्लाइट के टिकट से जुड़ा यूआईडी एक डिजिटल बोर्डिंग पास के रूप में काम करेगा। स्मार्ट फोन के जरिए किसी भी काउंटर में इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा। इसमें बोर्डिंग, चेकिंग और बाहर निकलने के दौरान लगनी वाली लंबी कतारें खत्म हो जाएंगी। यात्रियों के ऊपर निर्भर करता है कि वो इसका लाभ उठाते हैं या नहीं। इस डीजी यात्रा स किसी भी प्रकार के कोई भी डॉक्यूमेंट लेकर चलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस सिस्टम से एयरपोर्ट अथॉरिटी को भी यात्रियों की संख्या और उन पर नजर रखने में भी मदद होगी।  एयरपोर्ट पर सुरक्षाकर्मियों के काम में भी कमी आएगी। कई स्तरों पर होने वाली जांच को कम किया जा सकता है।