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धीमी पड़ी ग्रोथ की रफ्तार, सितंबर तिमाही में जीडीपी 7.1%

प्रकाशित Sat, 01, 2018 पर 14:34  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

सितंबर तिमाही में जीडीपी के आंकड़ों ने निराश किया है। ग्रोथ की रफ्तार धीमी हुई है और ये 8.2 फीसदी से घटकर 7.1 फीसदी हो गई है। वहीं जीवीए भी 8 फीसदी से घटकर 6.9 फीसदी हो गई। जीडीपी में सबसे बड़ी गिरावट इस तिमाही में मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर को ही लगी है। मैन्यूफैक्चरिंग ग्रोथ 7.5 फीसदी से गिरकर करीब 7.5 फीसदी पर आ गई है। वही एग्री ग्रोथ भी 5 फीसदी से घटकर 3.8 फीसदी पर आ गई है। सरकार ने भी जीडीपी आंकड़ों को निराशानजक माना है।


तिमाही दर तिमाही आधार पर ट्रेड, होटल, ट्रांसपोर्ट ग्रोथ 6.7 फीसदी से बढ़कर 6.5 फीसदी रही है जबकि फाइनेंस, रियल एस्टेट 6.3 फीसदी पर पहुंच गई है। तिमाही दर तिमाही आधार पर कंस्ट्रक्शन ग्रोथ 8.7 फीसदी से घटकर 7.8 फीसदी पर रही है।


इलेक्ट्रिसिटी ग्रोथ में तेजी देखने को मिली है। तिमाही आधार पर इलेक्ट्रिसिटी ग्रोथ 7.3 फीसदी से बढ़कर 9.2 फीसदी पर पहुंच गई है। वहीं एग्री ग्रोथ 5.3 फीसदी से घटकर 3.8 फीसदी पर नजर आ रही है। तिमाही दर तिमाही आधार पर फाइनेंस ग्रोथ की रफ्तार 6.5 फीसदी पर पहुंच गई है जो अगस्त में 6.3 फीसदी रही थी।


वित्त मंत्रालय ने दूसरी तिमाही के ग्रोथ आंकड़ों पर संतोष जताया है। मंत्रालय ने ट्वीट कर कहा है कि दूसरी तिमाही में 7.1 फीसदी की ग्रोथ तार्किक है। 2 तिमाहियों को देखें तो ग्रोथ रेट 7.6 फीसदी हो गई है जो कि अच्छी है। मंत्रालय ने कहा है कि इस तिमाही में भी महंगी तेल कीमतों, बढ़े हुए इंपोर्ट बिल और कमजोर रुपए का दबाव था। लेकिन इकोनॉमी सही रास्ते पर है और वैश्विक परिस्थितियों को देखें तो हमने ऊंची ग्रोथ रेट बरकरार रखी है।


इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च के प्रिंसिपल इकॉनोमिस्ट सुनील सिन्हा का कहना है कि इस तिमाही ग्रोथ के आंकड़े उम्मीद से कम रहे हैं। लेकिन वित्तीय वर्ष के अंत तक ग्रोथ पटरी पर आ सकती है।


सुंदरम म्यूचुअल के एमडी और सीईओ सुनील सुब्रमण्यम का कहना है कि ग्रोथ के आंकड़े बेहतर ना आने पर आरबीआई अपने दरें नहीं बढ़ाएगा, जो बाजार के लिए एक अच्छी खबर साबित हो सकती है।