Moneycontrol » समाचार » बाज़ार खबरें

करेंट फिस्कल ईयर में GDP वृद्धि दर 5 फीसदी से कम रहेगी- IHS Report

सरकारी बैंकों पर NPA का ज्यादा बोझ है। जिससे नया कर्ज देने पर असर पड़ रहा है।
अपडेटेड Dec 09, 2019 पर 18:27  |  स्रोत : Moneycontrol.com

करेंट फिस्कल ईयर में देश की आर्थिक वृद्धि दर 5 फीसदी से कुछ नीचे रह सकती है। IHS ने अपनी एक रिपोर्ट में इसका खुलासा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन के लिए उठाये गए कदमों का असर दिखने में अभी वक्त लगेगा।


रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सरकारी बैंकों में NPA अधिक बढ़ गय़ा है। जिससे बैंकों को नए लोन देने में अड़चने आ रही हैं। फाइनेंशियल सेक्टर में कमजोरी आने से आर्थिक वृद्धि दर पर दबाव दिखेगा।


मैन्युफैक्चरिंग आउटपुट में कमी की वजह से जुलाई-सितंबर तिमाही में देश की GDP वृद्धि की रफ्तार घटकर 4.5 फीसदी रह गई। इस फाइनेंशियल इयर के पहले वित्त वर्ष में GDP वृद्धि की रफ्तार 5 फीसदी थी, जबकि 2018 की सितंबर तिमाही में देश की आर्थिक वृद्धि की रफ्तार 7 फीसदी पर रही थी।


रिपोर्ट में कहा गया है कि इकोनॉमी के कमजोर होने के कारण भारत की आर्थिक वृद्धि की रफ्तार प्रभावित होती रहेगी। इस रिपोर्ट में NBFCs का भी जिक्र किया गया है। जिसमें कहा गया है कि NBFCs कंपनियों के कारण देश के कुछ कमर्शियल बैंकों की बैलेंस सीट पर असर पड़ सकता है।
   
सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें।