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ऐसे बुक करें टिकट, मिल सकता है कन्फर्म टिकट

प्रकाशित Wed, 15, 2019 पर 09:25  |  स्रोत : Moneycontrol.com

भारतीय रेल के मुसाफिरों की संख्या दिन दूना रात चौगुना बढ़ती जा रही है। बढ़ते मुसाफिर और छुट्टियों के मौसम में कन्फर्म टिकट पाना किसी बड़े सपने के पूरा होने के बराबर है। टिकट लेने वाले यात्री हमेशा किसी न किसी जुगत में रहते हैं कि कैसे कन्फर्म टिकट हासिल किया जाए। एक अनुमान के मुताबिक भारत में तकरीबन 2 करोड़ 30 लाख लोग रोज रेल से सफर करते हैं। उसमें प्रतिदिन तकरीबन 10 लाख लोग ऐसे हैं, जिनका टिकट कन्फर्म नहीं होता। यानी पर्सेंटेज के हिसाब से देखें तो 10 फीसदी लोगों के टिकट कन्फर्म नहीं होते। पीक सीजन में यह 19 फीसदी तक पहुंच जाता है। बढ़ती वेटिंग लिस्ट के बीच हम आपको कुछ टिप्स दे रहें जिसके आधार पर पर आप अनुमान लगा सकते हैं कि आपके टिकट को कन्फर्म होने की कितनी संभावना है। साथ ही कुछ ऐसे टिप्स भी देंगे, जिससे कन्फर्म टिकट मिल सकता हो।
 
IRCTC की साइट पर टिकट कन्फर्म की संभावना  


इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन यानी IRCTC ने ऑनलाइन टिकट बुक करने वालों के लिए एक नए फीचर की शुरुआत की है। जिसका नाम है CNF Probability इस फीचर के तहत आप जब IRCTC की साइट पर टिकट बुक करेंगे। तो जो वेटिंग लिस्ट आती है, उसमें क्लिक करने पर नीचे CNF Probability लिखा रहता है। कहने का मतलब ये हुआ कि इसमें क्लिक करने से आपको पता चल जाएगा कि आपके टिकट को कन्फर्म होने के कितने फीसदी चांस है। आमतौर पर इसमें अगर 80 फीसदी से ऊपर आ रहा है, तो इसका मतलब है कि आपका टिकट कन्फर्म हो सकता है। इस फीचर की खासियत ये है कि जिस दिन का, जिस ट्रेन में टिकट बुक करते हैं, उसके टिकट कन्फर्म होने के एक साल के इतिहास को रीड करता है। इस आधार पर बताता है कि इस टिकट को कन्फर्म होने के कितने फीसदी चांस हैं। अगर इसके टिकट कन्फर्मेशन चांस 30 फीसदी बताता है तो आपको अन्य ट्रेनों के विकल्प मिलते हैं। जहां आप टिकट बुक कर सकते हैं।
 
विकल्प स्कीम 
 
अगर आपने टिकट बुक कर दिया है। टिकट वेटिंग लिस्ट में है तो इंडियन रेल ने विकल्प स्कीम की शुरुआत की है। इस स्कीम के तहत आपको विकल्प के ऑप्शन के तहत अल्टर्नेट ट्रेन चुनने का मौका मिलेगा। इसमें आप कुल पांच अल्टर्नेट ट्रेन चुन सकते हैं। आपके टिकट बुक होने के सेड्यूल से 30 मिनट से लेकर 12 घंटे के बीच में जितनी भी ट्रेनें होंगी। सबकी लिस्ट आ जायेगी। आपका वेटिंग टिकट अगली ट्रेन में ट्रांसफर हो जाएगा। जैसे ही चार्ट बनेगा, सीट खाली होंगी तो टिकट मिल सकता है। अगर नहीं हुआ तो फिर उसके बाद वाली ट्रेन में टिकट ट्रांसफर हो जाएगा। इस तरीके से कन्फर्म होने तक ट्रांसफर होता रहेगा। लेकिन इस विकल्प स्कीम में टिकट कन्फर्म होने की कोई गारंटी नहीं है। विकल्प स्कीम टिकट कन्फर्म होने की संभावना को बढ़ाता है।